इस्पात मंत्रालय
सात महीनों (अप्रैल-अक्टूबर 2026) में भारत के फिनिश्ड स्टील की खपत 100 एमटी के करीब पहुंची
प्रविष्टि तिथि:
05 NOV 2026 7:05PM by PIB Delhi
1. इस्पात उत्पादन और मूल्य
1ए. उत्पादन का अवलोकन (एमटी में)
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उत्पादन
|
अक्टूबर 2026
|
अक्टूबर 2025
|
सालाना आधार पर %
|
अप्रैल-अक्तूबर 2026
|
अप्रैल-अक्टूबर 2025
|
सीपीएलवाई %
|
|
कच्चा इस्पात (क्रूड स्टील)
|
14.1
|
14.0
|
0.7
|
99.1
|
96.6
|
2.6
|
|
हॉट मेटल
|
7.9
|
8.1
|
-2.9
|
56.3
|
55.3
|
1.9
|
|
तैयार इस्पात
|
13.4
|
13.1
|
2.8
|
95.5
|
91.9
|
3.9
|
1बी. उत्पादक-वार उत्पादन (अप्रैल-अक्टूबर 2026) (एमटी में)
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उत्पादक
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सालाना क्रूड स्टील क्षमता
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क्रूड स्टील उत्पादन
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हॉट मेटल उत्पादन
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फिनिश्ड स्टील का उत्पादन
|
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सात बड़े उत्पादक
|
117.4
|
55.6
|
52.2
|
51.4
|
|
बाकी उत्पादक
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105.6
|
43.5
|
4.1
|
44.1
|
|
कुल
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223.0
|
99.1
|
56.3
|
95.5
|
|
सार्वजनिक क्षेत्र की हिस्सेदारी (%)
|
13.9
|
15.5
|
29.4
|
13.6
|
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सात बड़े उत्पादकों में सेल, आरआईएनएल, एनएसएल, टीएसएल ग्रुप, एएम/एनएस, जेएसएल (जेएसपीएल) और जेएसडब्ल्यू ग्रुप शामिल हैं।
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1सी. इस्पात की कीमतें (₹/टन में)
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उत्पाद
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अगस्त-26
|
सितंबर-26
|
अक्टूबर-26
|
एमओएम %
|
वाईओवाई %
|
|
टीएमटी (10 एमएम)
|
₹ 58,002
|
₹ 65,298
|
₹ 66,645
|
2.1
|
26.0
|
|
एचआर कॉइल (2 एमएम)
|
₹ 70,448
|
₹ 76,085
|
₹ 77,620
|
2.0
|
31.6
|
|
सीआर कॉइल (0.63 एमएम)
|
₹ 76,462
|
₹ 84,972
|
₹ 87,010
|
2.4
|
33.3
|
|
जीपी शीट (0.63 एमएम)
|
₹ 86,668
|
₹ 94,148
|
₹ 95,365
|
1.3
|
33.6
|
नोट: कीमतों में जीएसटी शामिल है और इन्हें ₹/टन में दर्शाया गया है। ये कीमतें चार महानगरों-कोलकाता, दिल्ली, मुंबई और चेन्नई-के दूसरे पखवाड़े (15 दिनों की अवधि) की औसत कीमतों पर आधारित हैं।
2. मांग (एमटी में)
|
संकेतक
|
अक्टूबर 2026
|
अक्टूबर 2025
|
सालाना आधार पर %
|
अप्रैल-अक्तूबर 2026
|
अप्रैल-अक्तूबर 2025
|
सीपीएलवाई %
|
|
तैयार इस्पात का उपभोग
|
14.3
|
13.4
|
6.6
|
99.3
|
92.4
|
7.5
|
3. व्यापार की स्थिति
3ए. तैयार स्टील - आयात और निर्यात
|
संकेतक
|
इकाई
|
अक्टूबर 2026
|
अक्टूबर 2025
|
वाईओवाई %
|
अप्रैल-अक्तूबर 2026
|
अप्रैल-अक्तूबर 2025
|
सीपीएलवाई %
|
|
आयात
|
एमटी
|
0.76
|
0.46
|
65.8
|
4.90
|
3.80
|
28.9
|
|
₹ करोड़
|
8803.6
|
4027.4
|
118.6
|
52493.7
|
35232.8
|
49.0
|
|
निर्यात
|
एमटी
|
0.44
|
0.64
|
-32.0
|
3.98
|
3.45
|
15.5
|
|
₹ करोड़
|
3913.5
|
4664.6
|
-16.1
|
32177.2
|
26596.1
|
21.0
|
|
शुद्ध व्यापार स्थिति
|
अप्रैल-अक्टूबर 2026 की अवधि के दौरान, मात्रा के लिहाज से भारत तैयार इस्पात का शुद्ध आयातक रहा।
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4. कच्चा माल
4ए. घरेलू कच्चे माल की कीमतें (₹/टन)
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कमोडिटी
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अगस्त 2026
|
सितंबर 2026
|
अक्टूबर 2026
|
एमओएम बदलाव
|
|
एनएमडीसी लौह अयस्क बैला लम्प (65.5%, 10-40 एमएम)
|
₹ 5,250
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₹ 5,400
|
₹ 5,400
|
-
|
|
एनएमडीसी लौह अयस्क बैला फाइन्स (64%, 0-10 एमएम)
|
₹ 4,500
|
₹ 4,500
|
₹ 4,500
|
-
|
|
एमओआईएल मैंगनीज अयस्क लम्प (एमएन 37%, एफई 7.5%)
|
₹ 17,603
|
₹ 17,603
|
₹ 18,483
|
5.0%
|
|
स्क्रैप - एचएमएस II
|
₹ 39,970
|
₹ 43,810
|
₹ 42,258
|
-3.5%
|
5. मुख्य सूचकांक
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सूचकांक
|
अगस्त 2026
|
सितंबर 2026
|
अक्टूबर 2026
|
एमओएम बदलाव
|
वाईओवाई बदलाव
|
|
निफ्टी मेटल इंडेक्स (औसत)
|
13,181.8
|
13,053.7
|
12,003.9
|
-8.0%
|
16.3%
|
|
पीएमआई मैन्युफैक्चरिंग इंडेक्स
|
52.8
|
55.1
|
54.7
|
-0.7%
|
-7.6%
|
|
बाल्टिक ड्राई इंडेक्स (औसत)
|
2,951.1
|
3,407.7
|
2,777.3
|
-18.5%
|
39.4%
|
स्रोत: एनएसई, एसएंडपी ग्लोबल, ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स
6. नीतिगत पहल/उद्योग संबंधी पहल
इस्पात मंत्रालय ने आईएस 14650 के अंतर्गत आने वाले सेमी-फिनिश्ड स्टेनलेस स्टील उत्पादों के 162 ग्रेड के लिए क्यूसीओ अनुपालन से छूट दी है, जो 31 मार्च 2027 तक मान्य रहेगी। इस कदम का उद्देश्य एमएसएमई की चिंताओं को दूर करना और स्टेनलेस स्टील निर्माण के लिए मध्यवर्ती सामग्रियों की उपलब्धता को आसान बनाना है।
सेल ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया है। इसका मुख्य कारण बेहतर लाभप्रदता, परिचालन क्षमता और लागत अनुकूलन पर लगातार ध्यान देना रहा है। वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 5% बढ़कर 5.16 एमटी हो गई, जबकि कर के बाद लाभ (पीएटी) लगभग 315% बढ़कर ₹1,774 करोड़ हो गया। कंपनी ने दुर्गापुर स्थित अपने 'अलॉय स्टील्स प्लांट' के लिए ₹1,714 करोड़ की विस्तार और आधुनिकीकरण योजना को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य रक्षा, रेलवे और वाहन क्षेत्रों के लिए उच्च-ग्रेड अलॉय और विशेष इस्पात के उत्पादन को बढ़ाना है।
एनएमडीसी ने अक्टूबर 2026 में 5.04 एमटी लौह अयस्क का उत्पादन किया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 18% अधिक है। वित्त वर्ष 2027 में अप्रैल से अक्टूबर के दौरान कुल उत्पादन 32.32 एमटी तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 22% की वृद्धि को दर्शाता है।
एमओआईएल ने वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में बेहतर वित्तीय प्रदर्शन किया है। इसमें मैंगनीज अयस्क की बिक्री की मात्रा पिछले वर्ष की तुलना में 9.67% बढ़कर 0.78 एमटी हो गई, और कर के बाद लाभ (पीएटी) 22.5% बढ़कर ₹149.39 करोड़ हो गया। यह बेहतर बिक्री और लाभप्रदता के कारण संभव हुआ है।
7. अंतर्राष्ट्रीय सहयोग
इस्पात मंत्रालय का एक प्रतिनिधिमंडल, जिसका नेतृत्व सचिव (इस्पात) ने किया, आईएमएआरसी 2026 सम्मेलन के लिए सिडनी गया। वहां उन्होंने 'मिनिस्टीरियल एंड गवर्नमेंट ग्लोबल अपॉर्चुनिटी प्रोग्राम' में भारत के इस्पात क्षेत्र के विकास पर अपनी बात रखी और इस्पात मंत्रालय के पैवेलियन का उद्घाटन किया। उन्होंने सिडनी में भारत के महावाणिज्य दूतावास द्वारा आयोजित 'ऑस्ट्रेलिया-भारत बिजनेस मीट 2026' में मुख्य भाषण भी दिया। प्रतिनिधिमंडल ने न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर, वहां के प्राकृतिक संसाधन मंत्री और 'ऑस्ट्रेड' के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान खनन, इस्पात, महत्वपूर्ण खनिजों, कच्चे माल की सुरक्षा, निवेश और प्रौद्योगिकी के क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। साथ ही, खनन और इस्पात मूल्य श्रृंखला में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच मजबूत साझेदारी के लिए अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया गया।
प्रतिनिधिमंडल ने ऑकलैंड में 'इन्वेस्ट न्यूजीलैंड' और विदेश मामलों और व्यापार मंत्रालय (एमएफएटी) के अधिकारियों से भी मुलाकात की। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य निवेश, व्यापार और इस्पात क्षेत्र में भारत-न्यूजीलैंड के सहयोग को मजबूत करना, तथा आपसी सहयोग और साझेदारी के नए रास्ते तलाशना था।
एनएमडीसी लिमिटेड ने सिडनी में अपना एक कार्यालय खोला है, जिसका उद्घाटन सचिव (इस्पात) ने किया। इसका उद्देश्य ऑस्ट्रेलियाई सरकारी एजेंसियों और उद्योग भागीदारों के साथ जुड़ाव को आसान बनाना, तथा खनिज क्षेत्र में भारत-ऑस्ट्रेलिया सहयोग को और मजबूत करना है।
8. हरित इस्पात (ग्रीन स्टील) पहल
इस्पात मंत्रालय की 'हरित इस्पात पहल' के तहत, अक्टूबर 2026 तक जारी की गई सूचियों में 108 अलग-अलग इस्पात उत्पादकों को 'हरित इस्पात प्रमाणपत्र' दिए गए हैं। इस प्रमाणन में टीएमटी बार, एचआर/सीआर कॉइल, प्लेट, वायर रॉड, पाइप और अन्य इस्पात उत्पाद शामिल हैं। प्रमाणित उत्पादों में से अधिकांश को 5-स्टार रेटिंग मिली है, जो यह दर्शाती है कि भारत के इस्पात उद्योग में कम उत्सर्जन वाली इस्पात निर्माण प्रक्रियाओं को तेजी से अपनाया जा रहा है।
स्रोत: अक्टूबर 2026 के लिए जेपीसी के अनंतिम आंकड़े। एमटी= मिलियन टन; एमटीपीए = मिलियन टन प्रति वर्ष; एमओएम= महीने-दर-महीने; वाईओवाई = साल-दर-साल; सीपीएलवाई = पिछले वर्ष की समान अवधि।
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पीके / केसी/ आरटी / एमपी / डीए
(रिलीज़ आईडी: 2333407)
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