स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सहयोग से, डाक विभाग ने स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए स्मारक डाक टिकट जारी किए
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने इन स्मारक डाक टिकटों को जारी किया; उन्होंने लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने और नियमित जांच कराने पर जोर दिया
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया: मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर के लिए 86.97 करोड़ लोगों की जांच की गई है, जिनमें से 5.50 लाख लोग अभी इलाज करा रहे हैं
"महिलाओं का स्वास्थ्य ही स्वस्थ परिवारों और एक स्वस्थ राष्ट्र की नींव है": श्रीमती पुण्या सलिला श्रीवास्तव
प्रविष्टि तिथि:
30 OCT 2026 7:31PM by PIB Delhi
डाक विभाग ने आज अंतर्राष्ट्रीय स्तन कैंसर जागरूकता माह के अवसर पर स्तन कैंसर जागरूकता पर स्मारक डाक टिकट जारी किए। डाक विभाग द्वारा परिकल्पित और शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य अपने व्यापक नेटवर्क का उपयोग करके स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता, बीमारी का जल्द पता लगाने और बचाव संबंधी स्वास्थ्य देखभाल के संदेशों का प्रसार करना है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने इन स्मारक डाक टिकटों और पोस्टकार्डों की स्वास्थ्य संबंधी सामग्री को तैयार करने के लिए तकनीकी इनपुट, संदर्भ सामग्री और पृष्ठभूमि की जानकारी प्रदान की।
इस कार्यक्रम के दौरान, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव श्रीमती पुण्या सलिला श्रीवास्तव और डाक सेवा महानिदेशक श्रीमती मनीषा सिन्हा ने स्तन कैंसर जागरूकता को समर्पित दो स्मारक डाक टिकट और चित्र पोस्टकार्ड का एक सेट जारी किया।

इस अवसर पर श्रीमती श्रीवास्तव ने स्वस्थ परिवारों और एक स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं के स्वास्थ्य की आधारभूत भूमिका पर जोर दिया। महिलाओं के स्वास्थ्य और निवारक देखभाल को प्राथमिकता देने के महत्व को रेखांकित करते हुए, उन्होंने पिछले साल 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाए गए 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान' पर प्रकाश डाला, जिसमें जांच और जागरूकता पहलों के माध्यम से महिलाओं के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया गया था।
अपने संबोधन में, उन्होंने देश में गैर-संचारी रोगों (एनसीडी) के बढ़ते बोझ से निपटने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। इस संबंध में, श्रीमती श्रीवास्तव ने 'गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' (एनपी-एनसीडी) के तहत मंत्रालय के प्रयासों पर प्रकाश डाला। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, 1.8 लाख से अधिक 'आयुष्मान आरोग्य मंदिरों' में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ मुंह,स्तन और सर्वाइकल कैंसर की जाँच को भी शामिल किया गया है। उन्होंने 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' के तहत एनपी-एनसीडी पोर्टल और 'आभा' आईडी की भूमिका पर भी जोर दिया, जो स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने और विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाओं के बीच इलाज की निरंतरता बनाए रखने में मदद करते हैं।
'गैर-संचारी रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए राष्ट्रीय कार्यक्रम' (एनपी-एनसीडी) के तहत, पूरे देश में मुंह, स्तन और सर्वाइकल कैंसर के लिए कुल 86.97 करोड़ जांच की गई हैं। इसमें मुंह के कैंसर के लिए 49.02 करोड़, स्तन कैंसर के लिए 22.90 करोड़ और सर्वाइकल कैंसर के लिए 14.05 करोड़ जाँच शामिल हैं। इनमें से 5.50 लाख लोगों का अभी इलाज चल रहा है, जिनमें मुंह के कैंसर के 2.70 लाख, स्तन कैंसर के 1.43 लाख और सर्वाइकल कैंसर के 1.37 लाख मरीज शामिल हैं। उन्होंने इस साल इसी दौरान एक विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के लिए डाक विभाग की सराहना की। उन्होंने कहा कि इससे इस अभियान के संदेश को आगे बढ़ाने और स्तन कैंसर के बारे में लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि 2024 में भारत में स्तन कैंसर के दो लाख से अधिक नए मामले सामने आए हैं और अनुमान है कि हर 29 में से एक महिला को इस बीमारी का खतरा है। उन्होंने इलाज के बेहतर नतीजों के लिए बीमारी का जल्द पता चलने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता बढ़ने और जाँच सुविधाओं के उपलब्ध होने के बावजूद, बीमारी का देर से पता चलना अभी भी एक चिंता का विषय है। उन्होंने महिलाओं से नियमित जांच और स्वयं जांच करके बचाव पर ध्यान देने की अपील की। साथ ही, उन्होंने लोगों को सलाह दी कि वे बीमारी का समय रहते पता लगाने और इलाज के लिए, सरकार द्वारा उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं और डिजिटल हेल्थ प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें।
डाक सेवाओं की महानिदेशक, श्रीमती मनीषा सिन्हा ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक महत्वपूर्ण सार्वजनिक संदेश पहुँचाने में डाक नेटवर्क के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि स्मारक डाक टिकट जन-जागरूकता के स्थायी माध्यम के रूप में कार्य करते हैं और देश की प्राथमिकताओं को दर्शाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि डाक सेवाओं की व्यापक पहुँच से स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश देश भर के समुदायों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी, जिससे समय पर जांच को बढ़ावा मिलेगा और इस बीमारी से प्रभावित महिलाओं के लिए समर्थन जुटाने में मदद मिलेगी। उन्होंने इस पहल के लिए तकनीकी इनपुट, संदर्भ सामग्री और पृष्ठभूमि की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय का भी आभार व्यक्त किया; इससे स्मारक डाक टिकटों और पोस्टकार्डों के लिए स्वास्थ्य संबंधी सामग्री तैयार करने में मदद मिली।

कार्यक्रम का समापन अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. पुष्प लता के संबोधन के साथ हुआ। उन्होंने बताया कि भारत में महिलाओं के बीच स्तन कैंसर सबसे आम कैंसर है, जो महिलाओं में पाए जाने वाले सभी नए कैंसर मामलों में से 30% से अधिक है। बीमारी का जल्दी पता चलने के महत्व पर जोर देते हुए, उन्होंने कहा कि समय पर निदान से इलाज के परिणाम और जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है। उन्होंने बताया कि स्तन कैंसर के लगभग एक-तिहाई मामलों को रोका जा सकता है और एक-तिहाई मामलों का इलाज संभव है, बशर्ते उनका जल्दी पता चल जाए। उन्होंने कैंसर देखभाल की पूरी प्रक्रिया के बारे में बताया—जिसमें प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर जांच और रेफरल से लेकर, जिला अस्पतालों, राज्य कैंसर संस्थानों और तृतीयक कैंसर देखभाल केंद्रों में बीमारी की पुष्टि और इलाज तक के चरण शामिल हैं। उन्होंने मरीजों के घरों के करीब कीमोथेरेपी की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 'डेकेयर कैंसर केंद्रों' की स्थापना पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने महिलाओं के स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए नियमित जाँच और समय पर इलाज की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि कैंसर से जुड़े डर, तिरस्कार और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँचने में आने वाली बाधाओं को दूर करना बहुत जरूरी है।

दिन भर के कार्यक्रमों में स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय तथा डाक विभाग ने मिलकर स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता का संदेश आम लोगों तक पहुँचाने का काम किया। स्मारक डाक टिकट जारी करने का उद्देश्य स्तन कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाना है, जिसमें खुद से जाँच करने और बीमारी का जल्द पता लगाने पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही नियमित जाँच के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। यह पहल इस बात को रेखांकित करती है कि इस बीमारी से जूझ रही महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य परिणामों के लिए समय पर निदान और बचावकारी स्वास्थ्य देखभाल बहुत महत्वपूर्ण है।
स्तन कैंसर जागरूकता माह के बारे में
हर साल 1 से 31 अक्टूबर तक मनाया जाने वाला 'स्तन कैंसर जागरूकता माह' एक अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान है। इसका उद्देश्य बीमारी का जल्द पता लगाने को बढ़ावा देना, लोगों को जागरूक करना और इस बीमारी से प्रभावित लोगों के लिए समर्थन जुटाना है।
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पीके/केसी/आरटी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2330674)
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