वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
'GeM संवाद 2026' में सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सार्वजनिक खरीद को अधिक सुलभ और किफायती बनाने वाले सुधारों की जानकारी दी गई
GeM और लघु उद्योग भारती की साझेदारी ने एमएसएमई के लिए सरकारी खरीद के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने हेतु 108 वर्चुअल सम्मेलनों का आयोजन किया
GeM ने ट्रांजैक्शन शुल्क घटाकर 0.30% किया, छूट की सीमा बढ़ाकर ₹10 लाख की और ओईएम असेसमेंट शुल्क में 92% तक की कटौती की
प्रविष्टि तिथि:
28 OCT 2026 8:50PM by PIB Delhi
गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) ने 'लघु उद्योग भारती' (एलयूबी) के साथ मिलकर 'GeM संवाद 2026' के अंतर्गत एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में उन प्रमुख सुधारों की जानकारी दी गई, जिनका उद्देश्य सूक्ष्म और लघु उद्यमों (एमएसई) के लिए सार्वजनिक खरीद को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।
2024 में एक समझौते के माध्यम से बनी GeM और एलयूबी की इस साझेदारी ने पूरे भारत में कई प्रत्यक्ष कार्यक्रमों के अलावा 108 वर्चुअल सम्मेलनों का आयोजन किया है। इसका उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना, डिजिटल रूप से जुड़ने में सहायता करना और एमएसएमई को प्लेटफॉर्म का उपयोग करने तथा सरकारी खरीद के अवसरों तक पहुंचने में सहायता करना है।
इस अवसर पर GeM के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री मिहिर कुमार ने कहा कि GeM द्वारा किए गए सुधारों ने एमएसएमई को कई तरह से सहायता की है। इन सुधारों से भागीदारी की लागत कम हुई है, प्रक्रियाएं सरल हुई हैं और वित्त तक पहुंच बेहतर हुई है। इससे एमएसएमई अब सरकारी खरीद में अधिक आत्मविश्वास के साथ भाग ले पा रहे हैं और 'आत्मनिर्भर भारत' तथा 'विकसित भारत 2047' के विजन में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि GeM ऐसा 'विश्वसनीय विक्रेता इकोसिस्टम' बनाने का प्रयास कर रहा है, जहां डिजिटल प्रारूप में व्यावसायिक अवसर सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध हों।
GeM ने ट्रांजैक्शन शुल्क को ऑर्डर मूल्य के 0.50% से घटाकर 0.30% कर दिया है। अब ₹10 लाख तक के ऑर्डर पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगेगा (पहले यह सीमा ₹5 लाख थी)। ₹10 करोड़ से अधिक के ऑर्डर के लिए शुल्क की अधिकतम सीमा ₹3 लाख तय की गई है, जबकि पहले यह अधिकतम ₹72.50 लाख थी। GeM पर दिए जाने वाले लगभग 97% ऑर्डरों पर कोई ट्रांजैक्शन शुल्क नहीं लगता है। जुलाई 2025 में ऑनबोर्डिंग प्रक्रिया के हिस्से के रूप में 'कॉशन मनी' (सुरक्षा राशि) जमा करने की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया गया। इसके अलावा, जनवरी 2024 से ओरिजिनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर्स (ओईएम) पर लागू होने वाले वेंडर असेसमेंट शुल्क में 66% से 92% तक की कमी की गई है।
इस कार्यक्रम के दौरान, एलयूबी के अध्यक्ष श्री मधुसूदन दादू; एलयूबी के राष्ट्रीय महासचिव श्री ओम प्रकाश गुप्ता; एलयूबी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष और GeM नोडल श्री जनक भाटिया; तथा GeM के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अजीत बी. चव्हाण ने चर्चाओं में भाग लिया। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद एमएसएमई के साथ बातचीत की।
इस अवसर पर श्री अजीत बी. चव्हाण ने बताया कि केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणा के अनुरूप, GeM को सभी पांच 'ट्रेड रिसीवेबल्स डिस्काउंटिंग सिस्टम' (TReDS) एक्सचेंजों के साथ जोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के साथ-साथ GeM SAHAY के माध्यम से GeM पर मिलने वाले परचेज ऑर्डर के आधार पर बिना किसी कोलेटरल (गिरवी) के ऋण मिलने से, एमएसएमई के सामने आने वाली वर्किंग कैपिटल और समय पर भुगतान की समस्याओं को दूर करने में काफी सहायता मिलेगी।
एलयूबी के अध्यक्ष श्री मधुसूदन दादू और राष्ट्रीय महासचिव श्री ओम प्रकाश गुप्ता ने GeM के साथ सहयोग को और प्रगाढ़ करने की एलयूबी की योजनाओं के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एलयूबी अपने अखिल भारतीय कार्यालय नेटवर्क, हर हफ्ते होने वाली GeM-एलयूबी वर्चुअल कॉन्फ्रेंस और विभिन्न कार्यालयों में प्रशिक्षित स्वयंसेवकों द्वारा संचालित समर्पित 'फैसिलिटेशन काउंटर' (सहायता केंद्र) के जरिए एमएसएमई तक अपनी पहुंच बढ़ाएगा।
*******
पीके/केसी/आरटी/पीके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2329825)
आगंतुक पटल : 101