स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल में स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं और अवसंरचना विकास की समीक्षा की
श्री नड्डा ने छात्रों तथा संकाय के डिजिटल स्वास्थ्य एकीकरण और मानसिक स्वास्थ्य कल्याण पर जोर दिया
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने डॉ. आरएमएल अस्पताल में 'विशेष अभियान 6' की गतिविधियों की समीक्षा की; स्वच्छता को संस्थागत बनाने और लंबित मामलों को कम करने पर जोर दिया
एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल में 2025 के दौरान ओपीडी में 19 लाख से अधिक मरीज आये; गुणवत्ता मानकों और रोगी देखभाल को मजबूत किया गया
प्रविष्टि तिथि:
23 OCT 2026 6:40PM by PIB Delhi
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री श्री जे.पी. नड्डा ने नई दिल्ली स्थित अटल बिहारी वाजपेयी आयुर्विज्ञान संस्थान (एबीवीआईएमएस) और डॉ. राम मनोहर लोहीया अस्पताल (डॉ. आरएमएल अस्पताल) की प्रगति की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने रोगी देखभाल, विशेष सेवाओं, सेवा अदायगी और अवसंरचना विकास पर ध्यान केंद्रित किया। इस दौरान, उन्होंने अस्पताल की उपलब्धियों और आगामी परियोजनाओं की समीक्षा की।
समीक्षा बैठक के दौरान एक प्रस्तुति के माध्यम से, मंत्री को अस्पताल की क्लिनिकल सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान गतिविधियों और गुणवत्ता सुधार पहलों के बारे में जानकारी दी गई। प्रस्तुति में अस्पताल पर बढ़ते मरीजों के बोझ को रेखांकित किया गया; वर्ष 2025 में यहाँ 19.4 लाख मरीजों का उपचार हुआ (ओपीडी), 82,500 से अधिक मरीजों को दाखिल किया गया (आईपीडी) और 96,600 से अधिक सर्जरी व प्रक्रियाएं दर्ज की गईं। वर्तमान में, अस्पताल में 30 क्लिनिकल और रोगी-देखभाल विभाग, तथा आठ प्री-क्लिनिकल और पैरा-क्लिनिकल विभाग मौजूद हैं।
प्रस्तुति के दौरान इस बात पर प्रकाश डाला गया कि 2025 में अस्पताल को राष्ट्रीय अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएच) की पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है। डॉ. आरएमएल अस्पताल यह उपलब्धि हासिल करने वाला पहला केंद्र सरकार का बहु-विशेषज्ञता अस्पताल बन गया है। अस्पताल में गुणवत्ता सुधार के उपायों में पंजीकरण और मरीजों की प्राथमिकता तय करने की प्रक्रिया (ट्राइएज) को मजबूत करना, क्लिनिकल और पर्चा ऑडिट, घटनाओं की रिपोर्टिंग, दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्टिंग और मरीजों से प्रतिक्रिया लेने की व्यवस्था शामिल है।
सेवाओं तक बेहतर पहुंच को प्राथमिकता देते हुए, अस्पताल ने 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' (एबी पीएम-जेएवाई) के कियोस्क की संख्या एक से बढ़ाकर तीन कर दी है। पीएम-जेएवाई के तहत पूर्व-अनुमति अनुरोधों की संख्या 2022 में 549 थी, जो 2025 में बढ़कर 1,516 हो गई।
प्रस्तुति में संस्थान के शैक्षणिक और शोध कार्यों का भी जिक्र किया गया, जिसमें 2,200 से अधिक शोध प्रकाशन शामिल हैं। 'विकसित भारत 2047' के लिए इसके रोडमैप में डिजिटल और मरीज-केंद्रित देखभाल, बेहतर विशेष सेवाएं, सैटेलाइट क्लीनिकों के माध्यम से सामुदायिक पहुंच का विस्तार, एआई-आधारित निगरानी और पर्यावरण-अनुकूल स्वास्थ्य देखभाल अवसंरचना की परिकल्पना की गई है।
समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए, श्री जे.पी. नड्डा ने इस बात पर जोर दिया कि बड़ी स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं की योजना बनाते समय प्रमुख संस्थानों की विशेषज्ञता और सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का लाभ उठाना महत्वपूर्ण है। उन्होंने डॉ. आरएमएल अस्पताल में 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (एबीडीएम) को और अधिक मजबूती से लागू करने का आह्वान किया। इसमें एबीडीएम नियमों का पालन करना, ई-पर्चा को व्यापक रूप से अपनाना और मरीजों की देखभाल तथा सेवा वितरण को बेहतर बनाने के लिए अन्य डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं को शामिल करना आवश्यक है।
मंत्री ने छात्रों और संकाय के मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि तनाव का उनके शैक्षणिक और पेशेवर जीवन पर क्या असर पड़ता है। उन्होंने आपसी सहयोग वाले संबंधों, खुलकर बातचीत करने के माहौल और निरंतर मानसिक स्वास्थ्य सहायता की जरूरत पर बल दिया। आरएमएल अस्पताल नियमित रूप से छात्रों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जांच और संकाय सदस्यों के लिए स्वास्थ्य जांच आयोजित करता है। इसके अलावा, मंत्री ने संस्थान में 'सारथी' परियोजना को लागू करने के लिए प्रोत्साहित किया और इसे एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

मंत्री ने 'विशेष अभियान 6' के तहत डॉ. आरएमएल अस्पताल द्वारा संचालित गतिविधियों की भी समीक्षा की। उन्होंने स्वच्छता को संस्थागत रूप देने, लंबित मामलों को कम करने, रिकॉर्ड प्रबंधन को कुशल बनाने और एक साफ-सुथरे, स्वच्छ तथा मरीजों के अनुकूल स्वास्थ्य वातावरण बनाए रखने के महत्व पर जोर दिया।
इस समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की सचिव श्रीमती पुण्या सलिला श्रीवास्तव; स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक (डीजीएचएस) श्री एल.जी. कृष्णा; संयुक्त सचिव (स्वास्थ्य) श्रीमती जी.एस. चित्रा; एबीवीआईएमएस और डॉ. आरएमएल अस्पताल की निदेशक डॉ. अखिलंदेश्वरी प्रसाद; डॉ. आरएमएल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. (प्रो.) विवेक दीवान; तथा संस्थान और अस्पताल के अन्य अधिकारी और संकाय सदस्य शामिल हुए।
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पीके/केसी/आरटी/जेके/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2327685)
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