कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री श्री जयंत चौधरी ने एनएसई की प्रतिष्ठित घंटी बजाकर एनएसई सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर एनएसडीसी की शुरुआत की, जिससे कौशल विकास और वैश्विक रोजगार के वित्तपोषण के नए रास्ते खुले
नाबार्ड ने एनएसडीसी के पहले जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल इश्यू में 4 करोड़ रुपए का निवेश किया; इस पहल का उद्देश्य मध्य प्रदेश के 600 ग्रामीण युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है
11.25 करोड़ रुपये का यह अभिनव कार्यक्रम सामाजिक निवेश, लाभार्थी की भागीदारी और मध्य प्रदेश सरकार के परिणाम-आधारित वित्तपोषण को आपस में जोड़ता है
युवाओं को जापान और जर्मनी में रोजगार के अवसरों के लिए जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण दिया जाएगा
श्री जयंत चौधरी ने परिणाम-उन्मुख कौशल विकास पहलों में वित्तीय संस्थानों और उद्योग की अधिक भागीदारी का आह्वान किया
प्रविष्टि तिथि:
22 OCT 2026 6:25PM by PIB Delhi
भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने मुंबई स्थित राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के सोशल स्टॉक एक्सचेंज (एसएसई) प्लेटफॉर्म पर राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) की शुरुआत के अवसर पर आयोजित घंटी बजाने के समारोह में हिस्सा लिया।
इस अवसर पर एनएसडीसी ने पहली बार जीरो कूपन जीरो प्रिंसिपल (जेडसीजेडपी) इंस्ट्रूमेंट्स जारी किए, जिसमें राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) ने एक अभिनव कौशल विकास और वैश्विक रोजगार पहल के लिए 4 करोड़ रुपए का निवेश किया। यह कार्यक्रम मध्य प्रदेश के आर्थिक रूप से कमजोर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) परिवारों के 600 युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसरों के लिए तैयार करने में सहायता प्रदान करेगा।
इस समारोह में मध्य प्रदेश सरकार के पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर; महाराष्ट्र सरकार में कौशल, रोजगार, उद्यमिता और नवाचार मंत्री श्री मंगल प्रभात लोढ़ा; महाराष्ट्र सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती मनीषा वर्मा; भारत सरकार के कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) में अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनीषा सेनशर्मा; राष्ट्रीय स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रबंध निदेशक और सीईओ श्री आशीषकुमार चौहान; राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री अरुणकुमार पिल्लई; नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी.; और डीसीएम श्रीराम इंटरनेशनल लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री आलोक श्रीराम, साथ ही सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण, स्थायी आजीविका और वैश्विक कार्यबल के अवसरों तक पहुंच बढ़ाने में सामाजिक वित्त और सहयोगी संस्थागत ढांचों की बढ़ती भूमिका पर प्रकाश डाला गया।
सभा को संबोधित करते हुए, भारत सरकार में कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा राज्य मंत्री श्री जयंत चौधरी ने कहा: “भारत की वृद्धि के साथ-साथ जनसमुदाय में निवेश भी आवश्यक है। सरकार अनुकूल ढांचा तैयार कर सकती है, लेकिन व्यापक स्तर पर विकास के वित्तपोषण के लिए सार्वजनिक संस्थानों, निजी वित्तपोषकों और दानदाताओं को मिलकर काम करना होगा। सोशल स्टॉक एक्सचेंज इस सामूहिक प्रतिबद्धता को विश्वसनीय परियोजनाओं, पारदर्शिता और सत्यापन योग्य परिणामों से जोड़ता है। मैं एनएसडीसी, नाबार्ड, एनएसई, मध्य प्रदेश सरकार और सभी योगदानकर्ताओं को कौशल में निवेश को वैश्विक रोजगार के अवसरों और स्थायी आजीविका में बदलने वाली साझेदारी के लिए बधाई देता हूं।”
मध्य प्रदेश सरकार में पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने कहा, "मध्य प्रदेश सरकार पिछड़े वर्गों के युवाओं, विशेष रूप से उन लोगों के लिए अवसरों का विस्तार करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और रोजगार प्राप्त करने में वित्तीय और सामाजिक बाधाओं का सामना करना पड़ता है। एनएसडीसी के साथ यह साझेदारी हमारे राज्य के 600 युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रासंगिक कौशल हासिल करने और जापान और जर्मनी में रोजगार के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करती है। हमें ऐसे मॉडल का समर्थन करते हुए खुशी हो रही है जहां सरकारी वित्त पोषण सफल रोजगार परिणामों से जुड़ा हुआ है। हमारा मानना है कि यह पहल भागीदार परिवारों के लिए आर्थिक स्वतंत्रता और बेहतर आजीविका की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्ग प्रशस्त कर सकती है।"
निवेश को रोजगार परिणामों से जोड़ने वाला अभिनव वित्तपोषण मॉडल
लगभग 11.25 करोड़ रुपये के अनुमानित परिव्यय वाले इस कार्यक्रम में एक मिश्रित-वित्तपोषण संरचना को अपनाया गया है, जो फंडिंग के तीन पूरक स्रोतों को जोड़ती है। कार्यक्रम की लागत में लाभार्थियों की भागीदारी 15 प्रतिशत होगी, 35 प्रतिशत राशि सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर जुटाई गई फंडिंग के माध्यम से समर्थित होगी, और शेष 50 प्रतिशत राशि उम्मीदवारों के सफल अंतर्राष्ट्रीय प्लेसमेंट पर मध्य प्रदेश सरकार द्वारा प्रदान की जाएगी।
परिणाम-आधारित घटक को एनएसडीसी और मध्य प्रदेश सरकार के बीच द्विपक्षीय सामाजिक प्रभाव बांड ढांचे के तहत संरचित किया गया है, जो सार्वजनिक व्यय को मापने योग्य रोजगार परिणामों के साथ संरेखित करता है। राज्य सरकार उम्मीदवारों की भर्ती, आवासीय प्रशिक्षण अवसंरचना और भाषा प्रयोगशालाओं को भी सहायता प्रदान करेगी।
ज़ेडसीज़ेडपी ढांचा पात्र सामाजिक उद्देश्य संगठनों को पारंपरिक ब्याज या मूलधन पुनर्भुगतान दायित्वों के बिना संसाधन जुटाने में सक्षम बनाता है, जिसमें धन के पारदर्शी उपयोग और सामाजिक परिणामों की रिपोर्टिंग पर जोर दिया जाता है।
इस पहल के महत्व पर बात करते हुए, एमएसडीए की अतिरिक्त सचिव श्रीमती मनीषा सेनशर्मा ने कहा, "सार्वजनिक-नीति के दृष्टिकोण से, इस पहल का महत्व इसके वित्तपोषण वास्तुकला और जवाबदेही के ढांचे में निहित है। यह प्रदर्शित करता है कि कैसे स्पष्ट रूप से परिभाषित विकास परिणामों का समर्थन करने के लिए सार्वजनिक संसाधनों को संस्थागत और सामाजिक निवेश के साथ जोड़ा जा सकता है। मंत्रालय मज़बूत शासन, पारदर्शी रिपोर्टिंग और मापने योग्य परिणामों को बनाए रखते हुए अभिनव वित्तपोषण उपकरणों का पता लगाने के एनएसडीसी के प्रयासों का स्वागत करता है। इस कार्यक्रम का अनुभव भविष्य के परिणाम-उन्मुख कौशल हस्तक्षेपों को डिज़ाइन करने और उन्हें आगे बढ़ाने के लिए उपयोगी सबक प्रदान कर सकता है।"
संस्थागत साझेदारियों को मजबूत करना
नाबार्ड की भागीदारी ग्रामीण विकास वित्त और अंतर्राष्ट्रीय कार्यबल गतिशीलता के माध्यम से उपलब्ध बढ़ते अवसरों के बीच एक महत्वपूर्ण समन्वय को दर्शाती है। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर ग्रामीण परिवारों को उच्च आय क्षमता, बढ़ी हुई घरेलू बचत और सतत आजीविका सुधार के मार्ग प्रशस्त करके उनका समर्थन करना है।
नाबार्ड के अध्यक्ष डॉ. शाजी कृष्णन वी. ने कहा, "सोशल स्टॉक एक्सचेंज के निर्गम में नाबार्ड की भागीदारी विकास-वित्त के नवीन मॉडलों की खोज के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमें उम्मीद है कि यह पहल संस्थागत और निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को प्रोत्साहित करेगी और साथ ही नवीन वित्तपोषण मॉडलों की क्षमता को प्रदर्शित करेगी जिससे मापने योग्य सामाजिक प्रभाव प्राप्त हो सके। अंततः, विकास वित्त का वास्तविक माप जुटाई गई पूंजी की मात्रा में नहीं, बल्कि इस बात में निहित है कि इसे अवसरों, स्थायी आजीविका और लोगों के जीवन में स्थायी सुधारों में कितनी प्रभावी ढंग से परिवर्तित किया जाता है।"
एनएसडीसी के सीईओ श्री अरुणकुमार पिल्लई ने कहा, "सामाजिक स्टॉक एक्सचेंज में एनएसडीसी की शुरुआत कौशल विकास और रोजगार से जुड़े कार्यक्रमों के वित्तपोषण में विविधता लाने के हमारे प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस कार्यक्रम के माध्यम से, हम सतत आजीविका के साझा उद्देश्य के लिए सरकारी सहायता, संस्थागत पूंजी और विशेष प्रशिक्षण क्षमताओं को एक साथ ला रहे हैं। हम नाबार्ड, एनएसई, मध्य प्रदेश सरकार और अपने साझेदारों के विश्वास और सहयोग के लिए आभारी हैं। अब हमारा ध्यान प्रभावी कार्यान्वयन, सत्यापन योग्य परिणामों और ऐसी पहलों का पोर्टफोलियो बनाने पर होगा जो सामाजिक वित्तपोषण में अधिक भागीदारी को आकर्षित कर सकें।"
उन्होंने आगे कहा, “यह पहल आवासीय विदेशी-भाषा और रोजगारपरकता (employability) प्रशिक्षण के माध्यम से 300 उम्मीदवारों को जापान में और अन्य 300 को जर्मनी में रोज़गार के अवसरों के लिए तैयार करेगी। यह कार्यक्रम डेस्टिनेशन-विशिष्ट तैयारी और देखभाल (केयर गिवींग), आतिथ्य (हास्पिटैलिटी), निर्माण (कन्स्ट्रक्शन) और विनिर्माण (मैन्यूफैक्चरिंग) सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोज़गार के अवसरों पर ध्यान केंद्रित करेगा। प्रशिक्षण एनएसडीसी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एनएसडीसी इंटरनेशनल लिमिटेड द्वारा प्रदान किया जाएगा।”
इस पहल से भाग लेने वाले उम्मीदवारों को अंतरराष्ट्रीय रोजगार के अवसर और बेहतर आय क्षमता मिलने की उम्मीद है। नौकरी पाने वाले उम्मीदवारों की अनुमानित मासिक आय जापान में लगभग 1-1.2 लाख और जर्मनी में 1.1-3.2 लाख रुपए होने का अनुमान है, जो नौकरी की भूमिका और रोजगार की शर्तों पर निर्भर करता है।
सामाजिक स्टॉक एक्सचेंज में एनएसडीसी की भागीदारी कौशल विकास में सरकारी निवेश के पूरक, नवोन्मेषी और परिणामोन्मुखी वित्तपोषण मॉडल विकसित करने के उसके व्यापक प्रयासों का हिस्सा है। सामाजिक निवेश को रोजगार-संबंधी सार्वजनिक वित्तपोषण के साथ जोड़कर, यह पहल रोजगार क्षमता को मजबूत करने, वैश्विक कार्यबल गतिशीलता का विस्तार करने और आजीविका परिणामों में सुधार के लिए एक अनुकरणीय ढांचा स्थापित करना चाहती है।
एनएसडीसी के बारे में
राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के तत्वावधान में कार्य करता है। उद्योग साझेदारी, नवीन वित्तपोषण तंत्र और कौशल विकास पहलों के माध्यम से, एनएसडीसी भारत के युवाओं के लिए रोजगार क्षमता बढ़ाने, व्यावसायिक प्रशिक्षण को मजबूत करने और स्थायी आजीविका के अवसर सृजित करने का प्रयास करता है।





पीके/केसी/आरटी/पीएस
(रिलीज़ आईडी: 2326873)
आगंतुक पटल : 49