कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
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केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान 22 अक्टूबर को हरियाणा प्रवास पर


करनाल के तरावड़ी से कल देशव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ करेंगे केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान

​मिट्टी की सेहत और किसान की समृद्धि के लिए चलेगा 40 दिवसीय राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’

संतुलित खाद, फसल चक्र और पराली प्रबंधन पर जोर: केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह करनाल में किसानों से करेंगे चौपाल चर्चा

‘खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा’: 1 करोड़ किसानों तक पहुंचेगा केंद्र सरकार का ‘खेत बचाओ अभियान’

प्रविष्टि तिथि: 21 OCT 2026 9:31PM by PIB Delhi

देश में टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने, मिट्टी की सेहत सुधारने और कृषि लागत में कमी लाने के उद्देश्य से केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा 22 अक्टूबर से 30 नवंबर 2026 तक राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित इस 40 दिवसीय अभियान का विधिवत शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान कल, 22 अक्टूबर को हरियाणा के करनाल जिले के तरावड़ी से करेंगे। शुभारंभ अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री सीधे खेतों के बीच किसानों के साथ चौपाल चर्चा करेंगे और पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देंगे। इस राज्यस्तरीय समारोह में हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा सहित केंद्र और राज्य के कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे। 

​अभियान के आगाज से पूर्व, केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने देश के अन्नदाताओं को संदेश देते हुए कहा है कि हमारी धरती माता, पानी और किसानों का पसीना ही राष्ट्र की असली ताकत है, और जब खेत की मिट्टी उपजाऊ रहेगी तभी किसान खुशहाल होगा। उन्होंने बताया कि पिछली बार खरीफ में 93 लाख से अधिक किसानों ने सहभागिता कर इसे जन-आंदोलन बनाया था, और इस बार भी वैज्ञानिक सीधे किसानों के खेतों तक दस्तक देंगे। केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने किसानों से चार प्रमुख संकल्प लेने का आह्वान किया हैं- सॉइल टेस्ट करवाकर जांच के अनुसार ही संतुलित खाद का उपयोग करें, पराली को जलाने के बजाय मिट्टी में मिलाकर खाद बनाएं, धान-गेहूं के अलावा दलहन-तिलहन व बागवानी को जोड़कर फसल चक्र अपनाएं, और प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पीएम-किसान, फसल बीमा व केसीसी का शत-प्रतिशत लाभ उठाएं।

​लगभग एक करोड़ किसानों तक पहुंच बनाने के संकल्प के साथ चलने वाले इस अभियान के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) और 'आत्मा' (ATMA) की 4,150 से अधिक संयुक्त टीमें मैदान में उतरेंगी जिनमें 12 हजार से अधिक कृषि वैज्ञानिक और अधिकारी सीधे ग्राम पंचायत स्तर तक किसान चौपालों, प्रशिक्षण और खेत प्रदर्शनों के जरिए किसानों को जागरूक करेंगे, ताकि ‘खेत बचेगा, तभी किसान समृद्ध होगा’ की परिकल्पना धरातल पर साकार हो सके।

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एसएस/डीके


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