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मादक पदार्थों के व्यसन से आज़ादी तक


मणिपुर के थोउबल ज़िले के एल. डिले ने ओडीआईसी की सहायता से अपना जीवन फिर संवारा

प्रविष्टि तिथि: 06 OCT 2026 6:12PM by PIB Delhi

सही समय पर काउंसलिंग, चिकित्सा सहायता, पुनर्वासन और परिवार का साथ लोगों को मादक पदार्थों के व्यसन से उबरने, अपना आत्मविश्वास फिर से पाने और काम-काज के माहौल में फिर से लौटने में प्रमुख भूमिका निभा सकते हैं। विशेष रूप से किए गए उपायों से लाभार्थियों को पारिवारिक संबंध सुधारने, अनुशासित जीवनशैली अपनाने और सामाजिक तथा आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में भी सहायता मिल सकती है।

मणिपुर के थोउबल के रहने वाले 24 वर्षीय एल. डिले (नाम बदला हुआ), जो एक ओबीसी लाभार्थी हैं, मदिरा के व्यसन से जूझ रहे थे। इस कारण से धीरे-धीरे उनकी पढ़ाई, पारिवारिक संबंधों और मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा हो रहा था। उन्होंने 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद, शुरुआत में दोस्तों के दबाव में आकर मदिरा पीना शुरू किया था। समय के साथ, कभी-कभार मदिरा पीने की आदत एक गंभीर व्यसन में बदल गया और मदिरा उनकी दैनिक आवश्यकता बन गई। इस व्यसन का उनकी पढ़ाई और पारिवारिक जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ा। घर में अक्सर होने वाले झगड़ों और उनकी हालत से जुड़े सामाजिक कलंक ने उनकी परेशानी और बढ़ा दी।

परिवार में झगड़े के बाद, एल. डिले घर छोड़कर बिष्णुपुर ज़िले में अपने एक करीबी रिश्तेदार के साथ रहने लगे। उन्हें पेशेवर सहायता की ज़रूरत को समझते हुए, उनके रिश्तेदार उन्हें मणिपुर में बिष्णुपुर ज़िले में नामबोल फोइजिंग मखा में पास के 'आउटरीच एंड ड्रॉप इन सेंटर' (ओडीआईसी) ले गए, जहाँ उन्हें सही समय पर सहायता और पुनर्वासन मिला।

ओडीआईसी ने एल. डिले को मदद का एक पूरा पैकेज दिया, जिसमें घर पर डिटॉक्सिफिकेशन, चिकित्सा सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, व्यवहार संबंधी पुनर्वासन और पारिवारिक परामर्श शामिल थी। उन्हें दोस्तों के दबाव का सामना करने की क्षमता बढ़ाने के लिए मार्गदर्शन भी दिया गया, साथ ही व्यावसायिक मदद और सामाजिक तथा पारिवारिक रिश्तों को फिर से सुधारने में सहायता भी मिली। इस व्यवस्थित मदद से वे मदिरा के व्यसन से जुड़ी बुनियादी चुनौतियों का सामना कर पाए और साथ ही धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास और जीवन का मकसद भी बहाल हुआ।

तीन महीने तक चले व्यवस्थित उपचार और लगातार सहायता से, एल डिले मदिरा के व्यसन से सफलतापूर्वक उबर गए। परामर्श और पुनर्वासन की प्रक्रिया ने उन्हें एक अनुशासित जीवनशैली अपनाने और मदिरा से दूर रहने का पक्का इरादा करने में मदद की। परिवार के लगातार सहयोग ने भी उन्हें स्थिरता पाने और अपनी जिम्मेदारियों को फिर से संभालने में प्रमुख भूमिका निभाई।

आज, एल डिले काकचिंग बाज़ार के एक बड़े स्टोर में सेल्समैन के तौर पर काम कर रहे हैं, अच्छा वेतन पा रहे हैं और घर चलाने में योगदान दे रहे हैं। आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक झगड़ों और मदिरा के व्यसन वाले दौर से निकलकर, वे अब अच्छे रोज़गार, आर्थिक आज़ादी और एक स्थिर जीवन की ओर बढ़ चुके हैं।

एल डिले का अनुभव दिखाता है कि सही समय पर उपचार, परामर्श और चिकित्सा देखभाल, परिवार का सहयोग और वोकेशनल रिहैबिलिटेशन कैसे लोगों को नशे की लत से बाहर निकलने और मुख्यधारा के सामाजिक और आर्थिक जीवन में लौटने में मदद कर सकते हैं। उनका अनुभव बताता है कि आसानी से उपलब्ध रिहैबिलिटेशन सेवाएँ लोगों को अनुशासन, सम्मान और नए मकसद के साथ अपना जीवन फिर से बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

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पीके/केसी/आरटी/एमकेएस/डीए


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