अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा 2026 का आयोजन किया
केंद्रीय मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने स्वच्छता शपथ दिलाई, श्रमदान एवं वृक्षारोपण अभियान में भाग लिया
श्री रिजिजू ने स्वच्छता के लिए सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल पर प्रकाश डाला
प्रविष्टि तिथि:
30 SEP 2026 7:55PM by PIB Delhi
केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री श्री किरेन रिजिजू की उपस्थिति में आज नई दिल्ली में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा 'स्वच्छता ही सेवा 2026' का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्वच्छता शपथ, श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान शामिल थे।

सभा को संबोधित करते हुए, श्री रिजिजू ने इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता को एक बार के प्रयास के बजाय एक निरंतर जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जहाँ एक ओर मौजूदा कचरे को साफ करने की आवश्यकता है, वहीं दूसरी ओर लोगों में ऐसी जागरूकता पैदा करने पर भी समान जोर दिया जाना चाहिए ताकि लोग शुरुआत में ही कचरा न फैलाएं। उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसे अकेले सफाई कर्मचारियों की जिम्मेदारी नहीं माना जाना चाहिए।

मंत्री ने कहा, "स्वच्छता हर एक की जिम्मेदारी है। सिर्फ स्वच्छता के बारे में बोलना ही काफी नहीं है; इसे हमारे रोजमर्रा के आचरण में लाया जाना चाहिए।" उन्होंने मिशन मोड में स्वच्छता को आगे बढ़ाने की आवश्यकता को रेखांकित किया।
माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए, श्री रिजिजू ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन ने पूरे देश में स्वच्छता के प्रति व्यापक जागरूकता पैदा की है। उन्होंने इस आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने तथा स्वच्छता को रोजमर्रा के व्यवहार का हिस्सा बनाने के लिए निरंतर जन-भागीदारी का आह्वान किया।
कार्यक्रम के हिस्से के रूप में, श्री रिजिजू ने स्वच्छता शपथ दिलाई। प्रतिभागियों ने स्वच्छता के प्रति व्यक्तिगत रूप से प्रतिबद्ध रहने, श्रमदान के लिए समय निकालने, अपने घरों, पड़ोस और कार्यस्थलों से इस प्रयास की शुरुआत करने तथा एक स्वच्छ भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए दूसरों को प्रोत्साहित करने का संकल्प लिया। इस शपथ में स्वच्छ और विकसित भारत के महात्मा गांधी के विजन को भी याद किया गया।
स्वच्छता को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए, मंत्री ने वृक्षारोपण के महत्व पर भी प्रकाश डाला और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान प्रत्येक व्यक्ति को अपनी माँ के नाम पर कम से कम एक पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करता है, जिससे पर्यावरणीय जिम्मेदारी एक गहरे आदरणीय व्यक्तिगत जुड़ाव से जुड़ जाती है।
श्री रिजिजू ने यह भी उल्लेख किया कि 'एक पेड़ माँ के नाम' पहल को भारत से बाहर भी पहचान मिली है। यूरोप की अपनी हालिया यात्रा को याद करते हुए उन्होंने कहा कि बेलग्रेड में एक वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान अन्य देशों के मंत्रियों ने उन्हें बताया कि वे भारत में चलाए जा रहे इस अभियान से अवगत हैं।

इसके बाद मंत्री ने मंत्रालय के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ श्रमदान और वृक्षारोपण अभियान में हिस्सा लिया।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा मनाए गए 'हिंदी पखवाड़े' का समापन भी हुआ। सभा को संबोधित करते हुए, श्री रिजिजू ने हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं के महत्व पर प्रकाश डाला तथा भारत की समृद्ध भाषाई विविधता का सम्मान करते हुए अपनी मातृभाषा पर गर्व करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर बोलते हुए, दयाल सिंह कॉलेज के प्राचार्य ने स्वच्छता को बनाए रखने में व्यक्तिगत नागरिक आचरण के महत्व पर प्रकाश डाला और नागरिकों से स्वच्छ भारत के राष्ट्रीय संकल्प में सक्रिय रूप से योगदान देने का आह्वान किया।
यह कार्यक्रम स्वच्छ भारत के विजन को आगे बढ़ाने में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नागरिक जिम्मेदारी और जन-भागीदारी को बढ़ावा देने के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
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पीके/केसी/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2317339)
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