पंचायती राज मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो.एस.पी. सिंह बघेल की अध्यक्षता में पंचायती राज मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक संपन्न

प्रविष्टि तिथि: 28 SEP 2026 8:12PM by PIB Delhi

पंचायती राज मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति की बैठक आज 28 सितंबर 2026 को नई दिल्ली स्थित डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केंद्र में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने की। बैठक में पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विनीत जोशी तथा हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य श्री जय प्रकाश, संसद सदस्य (लोकसभा), श्री राम नरेश तिवारी ‘पिण्डीवासा’, डॉ. सुमन सुराणा, श्री विजय बघेल, श्री प्यार सिंह और डॉ. आतिरा वी. उपस्थित रहे।  मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों तथा गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग के प्रतिनिधियों ने भी इस बैठक में हिस्सा लिया।

बैठक को संबोधित करते हुए केंद्रीय पंचायती राज राज्य मंत्री प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय हिंदी को राजभाषा और जन-भाषा दोनों रूपों में सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है, ताकि शासन की योजनाएँ, निर्णय और सूचनाएँ आम नागरिकों तक सरल और प्रभावी ढंग से पहुँच सकें। उन्होंने कहा कि भाषा का प्रयोग बहुत महत्वपूर्ण है। भाषा के प्रयोग से ही भाषा चलन में आती है और व्यक्ति अपनी भाषा को बोलने और लिखने में अभ्यस्त होते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को स्वयं के स्तर पर हिंदी के महत्व को समझकर हिंदी में काम करना चाहिए। केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि सभासार के माध्यम से ग्राम सभा/बैठक की कार्यवाही हिंदी सहित 23 भाषाओं में तैयार किया जाना मंत्रालय का सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज मंत्रालय ग्रामों से जुड़ा मंत्रालय है, ऐसे में मंत्रालय के कार्यों में हिंदी के बढ़ते प्रयोग से राजभाषा के प्रचार-प्रसार को और मजबूती मिल रही है। साथ ही  विकास से जुड़ी जानकारी आम नागरिकों तक सरलता से और स्पष्ट रूप से पहुँच रही है।

इस अवसर पर पंचायती राज मंत्रालय के सचिव श्री विनीत जोशी ने कहा कि मंत्रालय में राजभाषा संबंधी अधिनियम एवं नियमों के अनुपालन पर निरंतर कार्य कर रहे हैं और आगे भी करेंगे। हिंदी शब्दों का अधिकाधिक प्रयोग करने से ही हम हिंदी शब्दों से परिचित होंगे, शब्द चलन में आएंगे और उन शब्दों का प्रयोग करने में सहज महसूस करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मंत्रालय में सभी स्तर के अधिकारियों एवं कमर्चारियों को हिंदी में टिप्पण आलेखन आदि करना चाहिए ताकि सभी एक दूसरे से प्रेरित हों।

बैठक के दौरान संयुक्त सचिव एवं राजभाषा प्रभारी श्री राजेश कुमार सिंह ने राजभाषा विभाग द्वारा निर्धारित ‘वार्षिक कार्यक्रम’, राजभाषा नीति से संबंधित प्रमुख निर्देशों तथा हिंदी सलाहकार समिति की पिछली बैठक में सदस्यों द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर मंत्रालय में सरकारी कामकाज में हिंदी के प्रयोग को बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर प्रस्तुतीकरण दिया। इस दौरान सलाहकार समिति के सदस्यों ने पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर मंत्रालय द्वारा की गई कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने मंत्रालय के कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को और बढ़ावा देने तथा राजभाषा नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए। सदस्यों ने कहा कि पंचायतें ग्रामीण भारत में स्थानीय शासन की महत्वपूर्ण इकाइयाँ हैं और इनके माध्यम से हिंदी के प्रचार-प्रसार को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

 

***

अअ


(रिलीज़ आईडी: 2316207) आगंतुक पटल : 134