जल शक्ति मंत्रालय
देश में स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान की तैयारियां तेज
केंद्रीय मंत्रियों श्री सी. आर. पाटिल, श्री तोखन साहू और श्री वी. सोमन्ना ने स्वच्छता ही सेवा 2026 में देशव्यापी भागीदारी का किया आह्वान
स्वच्छता ही सेवा 2026 (एसएचएस 2026) अभियान में स्वच्छता के लिए स्थायी व्यवहार परिवर्तन का मुख्य केंद्र विद्यार्थियों और युवाओं को बनाया गया है
'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत' को एसएचएस 2026 की थीम के रूप में घोषित किया गया है
प्रविष्टि तिथि:
16 SEP 2026 9:57PM by PIB Delhi
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल और केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने आज नई दिल्ली स्थित नेशनल मीडिया सेंटर में 'स्वच्छता ही सेवा 2026' के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में मीडिया को संबोधित किया।
वर्ष 2017 से प्रतिवर्ष आयोजित होने वाला 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान इस वर्ष 17 सितंबर से शुरू हो रहा है, जो स्वच्छता के लिए स्वैच्छिकता और सामूहिक प्रयासों को मजबूत करने हेतु नागरिकों, संस्थानों और नेतृत्व को एक साथ लाता है। एसएचएस 2026 की थीम, 'स्वच्छता में सहभाग; स्वच्छ भारत, विकसित भारत', इस बात पर जोर देती है कि स्वच्छता एक साझा जिम्मेदारी है और स्वच्छ तथा विकसित भारत के दृष्टिकोण को सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है।
कल से शुरू होने वाले देशव्यापी अभियान से पहले राष्ट्रीय स्तर पर एक कर्टेन-रेजर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जल शक्ति मंत्रालय के पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) तथा आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के शहरी विकास विभाग (डीओयूडी) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एसएचएस 2026, स्वच्छता के लिए सामूहिक कार्रवाई हेतु केंद्रीय मंत्रालयों एवं विभागों, राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों, ग्रामीण एवं शहरी स्थानीय निकायों, संस्थानों और अन्य हितधारकों को एक साथ लाएगा।

इस अवसर पर बोलते हुए, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने जोर देकर कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्वच्छता जन-भागीदारी से संचालित एक राष्ट्रीय आंदोलन में बदल गई है। उन्होंने उल्लेख किया कि माननीय प्रधानमंत्री ने लगातार इस आंदोलन का आगे बढ़कर नेतृत्व किया है और देश भर के नागरिकों को प्रेरित किया है। स्वच्छता को एक साझा जिम्मेदारी बताते हुए, उन्होंने प्रत्येक नागरिक, विशेष रूप से विद्यार्थियों और युवाओं से एसएचएस 2026 में पूरे दिल से भाग लेने और स्वच्छ भारत तथा विकसित भारत के सामूहिक संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया। श्री पाटिल ने माननीय प्रधानमंत्री के आगमन से पूर्व नवसारी में चलाए गए 'स्वच्छता से स्वागत'- सूक्ष्म स्वच्छता अभियान का उदाहरण दिया, जहाँ समाज के सभी वर्गों के लोग गांवों में सूक्ष्म सफाई के लिए एक साथ आए थे। उन्होंने पिछले वर्ष गणपति विसर्जन के तुरंत बाद तेजी से सफाई और स्वच्छता मित्रों (सफाई कर्मचारियों) के समर्थन, पहचान और सम्मान के लिए एकजुट हुए सूरत के लोगों का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि लोग अब स्वच्छता में भाग लेने और योगदान देने के लिए अधिक से अधिक संख्या में आगे आ रहे हैं, जो देश में माननीय प्रधानमंत्री द्वारा लाई गई जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन का परिणाम है।
एक वर्चुअल संदेश में, केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल ने राज्यों से आगामी स्वच्छता ही सेवा 2026 अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से अनुरोध किया कि वे 17 सितंबर को अपने घरों की सफाई के साथ इस अभियान की शुरुआत करें। उन्होंने आगे अनुरोध किया कि राज्य के सभी मंत्री, विधायक, मेयर, डिप्टी मेयर, वार्ड पार्षद, आयुक्त और प्रतिष्ठित हस्तियां 1 अक्टूबर को आयोजित होने वाले राष्ट्रव्यापी श्रमदान में भाग लें। इसके अलावा, उन्होंने महात्मा गांधी की स्मृति में 2 अक्टूबर यानी स्वच्छ भारत दिवस पर सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता गतिविधियां आयोजित करने का भी आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं, खिलाड़ियों, कलाकारों, आध्यात्मिक गुरुओं और अन्य स्वच्छता एंबेसडरों से भी अपील की कि वे अपने-अपने प्लेटफॉर्म का उपयोग जमीनी स्तर पर व्यापक जन-भागीदारी और सामूहिक कार्रवाई को प्रोत्साहित करने के लिए करें।
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा, 'स्वच्छता का संदेश तभी प्रभावी होगा जब हमारे सरकारी कार्यालय और संस्थान स्वयं इसका उदाहरण प्रस्तुत करेंगे। सभी विभागों को अपने कार्यालयों, परिसरों और अधीनस्थ इकाइयों में विजिबल क्लीनलीनेस के साथ-साथ नागरिकों को भी इसमें शामिल करना चाहिए, ताकि यह अभियान भागीदारी का एक शक्तिशाली प्रदर्शन — 'होल ऑफ गवर्नमेंट' (सम्पूर्ण सरकार) और 'होल ऑफ सोसाइटी' (सम्पूर्ण समाज) का दृष्टिकोण बन सके। प्रत्येक शहरी स्थानीय निकाय, ग्राम पंचायत, प्रत्येक वार्ड, प्रत्येक संस्थान और प्रत्येक समुदाय को इस अभियान से जोड़ा जाना चाहिए, जिससे स्वच्छता एक साझा राष्ट्रीय संकल्प बन सके।
पेयजल एवं स्वच्छता विभाग तथा शहरी विकास विभाग के सचिवों ने अभियान की रूपरेखा प्रस्तुत की और इसकी प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
स्वच्छता ही सेवा 2026 के पांच प्रमुख स्तंभ हैं:
- स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) एवं स्वच्छ सार्वजनिक स्थलों का कायाकल्प: अत्यधिक चहल-पहल वाले सार्वजनिक स्थलों और स्वच्छता लक्ष्य इकाइयों (सीटीयू) में सफाई अभियानों के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण और गंदे स्थलों (ब्लैक स्पॉट्स) की पहचान, मैपिंग तथा उनका समयबद्ध कायाकल्प करना।
- स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता: ठोस अपशिष्ट प्रबंधन संयंत्रों के 'स्वच्छता ज्ञान यात्रा' और 'स्वच्छता एवं जल संचयन संवाद' के माध्यम से विद्यार्थियों और युवाओं को जोड़ना, जिसमें स्वच्छता, वर्षा जल संचयन और जल प्रबंधन जैसे विषय शामिल हैं।
- सफाईमित्र सुरक्षा एवं सम्मान शिविर: स्वास्थ्य जाँच, पीपीई व सुरक्षा उपकरणों के वितरण और पात्र केंद्रीय व राज्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए सिंगल-विंडो शिविरों का आयोजन। स्वच्छता में उनके योगदान की सराहना के रूप में सफाईमित्रों, स्वच्छताग्रहियों और सफाई कर्मचारियों को स्थानीय स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
- स्वच्छता के लिए जन-भागीदारी: नागरिक सहभागिता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 के प्रति जागरूकता, कचरे को 4 तरह से अलग-अलग करना और खाद बनाने को बढ़ावा देना। इन गतिविधियों में 'स्पोर्ट्स फॉर स्वच्छता', 'स्वच्छ पर्व, हरित पर्व', 'एक पेड़ माँ के नाम' के तहत पौधरोपण अभियान, विश्व पर्यटन दिवस (27 सितंबर, 2026) पर आयोजित कार्यक्रम, और स्वच्छ भारत दिवस (2 अक्टूबर, 2026) के अवसर पर विशेष ग्राम सभाएं व परिषद बैठकें शामिल होंगी।
- स्वच्छता से समृद्धि: 'वेस्ट टू वेल्थ' और 'वेस्ट टू आर्ट' के माध्यम से सर्कुलरिटी को बढ़ावा देना; पुरानी किताबों, खिलौनों व कपड़ों के दान और आरआरआर (रिड्यूस, रियूज, रीसायकल) पहलों को लागू करना; तथा बल्क वेस्ट जनरेटरों को शामिल करते हुए 'प्लास्टिक रीसाइक्लिंग मेलों' का आयोजन करना।
बच्चों और युवाओं को बदलाव लाने वाले और 'स्वच्छ भारत' के भविष्य के संरक्षक के रूप में स्वीकार करते हुए, एसएचएस 2026 स्वच्छ पाठशाला-युवा फॉर स्वच्छता के माध्यम से स्वच्छता की स्थायी आदतों को विकसित करने, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2026 और 4-स्तरीय स्रोत पृथक्करण में उनकी सक्रिय भागीदारी की परिकल्पना करता है। स्पोर्ट्स फॉर स्वच्छता जैसी पहल बच्चों, युवाओं और समुदायों को स्थानीय व क्षेत्रीय खेलों के माध्यम से जोड़ने की परिकल्पना करती है, ताकि स्वच्छता के संदेश को स्कूलों, संस्थानों, शहरों और गांवों तक पहुँचाया जा सके।
1 अक्टूबर 2026 को सुबह 8 से 9 बजे तक 'एक दिन, एक घंटा, एक साथ' नाम से एक साथ राष्ट्रव्यापी श्रमदान का आयोजन किया जाएगा। इसमें समाज के विभिन्न क्षेत्रों से नागरिक एक साथ आकर एक घंटे की स्वैच्छिक स्वच्छता सेवा में अपना योगदान देंगे।
2 अक्टूबर 2026 को 'स्वच्छ भारत दिवस' के रूप में मनाते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ग्राम सभाओं और शहरी क्षेत्रों में विशेष परिषद बैठकों का आयोजन किया जाएगा। विशेष ग्राम सभाएं, अन्य विषयों के साथ-साथ, एसएचएस 2026 के परिणामों और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (एसडब्ल्यूएम) नियम, 2026 के प्रति जागरूकता पर केंद्रित होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (डीडीडब्ल्यूएस) द्वारा 15 सितंबर 2026 को शुरू किए गए स्वच्छ सेवा आकलन पर भी विशेष ग्राम सभाओं के दौरान चर्चा की जाएगी। इस दिन शहर और गांव दोनों ही एक पेड़ माँ के नाम पहल के तहत पौधरोपण अभियान चलाएंगे। इसके अलावा, इस अवसर पर MyGov प्लेटफॉर्म के माध्यम से देश भर के नागरिकों द्वारा स्वैच्छिक रूप से 'स्वच्छता शपथ' भी ली जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता ही सेवा 2026 का थीम, लोगो, कैंपेन ब्रोशर और पोर्टल, एसएचएस 2026 एंथम के साथ लॉन्च किए गए। इस अवसर पर एसएचएस 2026 पर एक कर्टेन-रेजर वीडियो भी प्रदर्शित किया गया।
व्यापक जन-भागीदारी के माध्यम से, एसएचएस 2026 स्वच्छता को एक साझा जिम्मेदारी के रूप में मजबूत करने और नागरिक सहभागिता को स्वच्छ और विकसित भारत की दिशा में निरंतर कार्यवाही में बदलने का प्रयास करता है। नागरिकों और प्रतिभागी संगठनों से अपील की जाती है कि वे इस अभियान से जुड़ें और हैशटैग #SHS2026 व #SwachhataHiSeva2026 का उपयोग करते हुए अपनी गतिविधियों को साझा करें।
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पीके/केसी/डीवी/डीए
(रिलीज़ आईडी: 2311174)
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