पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय
सरकार इस्पात विनिर्माण को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर भारत का नेतृत्व बनाए रखने के उद्देश्य से जहाजों के पुनर्चक्रण से प्राप्त इस्पात के उपयोग की समीक्षा कर रही है
प्रविष्टि तिथि:
16 SEP 2026 8:10PM by PIB Delhi
जहाजों के पुनर्चक्रण से प्राप्त इस्पात के उपयोग पर चर्चा व समीक्षा के लिए इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी तथा पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल की अध्यक्षता में एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
इस बैठक में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस), गुजरात समुद्री बोर्ड (जीएमबी) और जहाज पुनर्चक्रण उद्योग संघ (एसआरआईए) सहित प्रमुख हितधारकों ने भाग लिया। इस बैठक का उद्देश्य मौजूदा नियामक ढांचे की समीक्षा करना और जहाजों के पुनर्चक्रण से प्राप्त द्वितीयक इस्पात के उपयोग के विभिन्न तरीकों पर विचार करना था।
इस संवाद में जहाज पुनर्चक्रण से अधिक धनराशि सृजित करने और प्रमुख वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को सशक्त बनाने के उद्देश्य से पुनर्चक्रित जहाज इस्पात के उपयोग को अन्य क्षेत्रों में भी बढ़ावा देने पर चर्चा की गई।
बैठक में सरकार की इन प्रतिबद्धताओं पर जोर दिया गया कि चक्रीय अर्थव्यवस्था के माध्यमों एवं कार्य प्रणालियों को बढ़ावा दिया जाए, घरेलू इस्पात विनिर्माण को सहयोग दिया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि भारत का जहाज पुनर्चक्रण उद्योग टिकाऊपन तथा दक्षता के क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर नए मानक स्थापित करता रहे।
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पीके/केसी/एनके /डीए
(रिलीज़ आईडी: 2311118)
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