उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी का किया दौरा
राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतिभाई बांभणिया ने बुनकरों और कारीगरों से किया संवाद
भारतीय हथकरघा परंपरा, ‘वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत के महत्व पर दिया जोर
हथकरघा एवं हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा के संरक्षण और संवर्धन का सामूहिक प्रयास जरूरी:
केंद्रीय राज्य मंत्री
प्रविष्टि तिथि:
07 AUG 2026 5:40PM by PIB Delhi

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतिभाई बांभणिया ने राष्ट्रीय शिल्प संग्रहालय और हस्तकला अकादमी का दौरा किया।


इस दौरान राज्य मंत्री ने हथकरघा क्षेत्र से जुड़े बुनकरों एवं कारीगरों से बातचीत किया और उनके अनुभवों, पारंपरिक कला एवं कौशल के बारे में जानकारी ली। उन्होंने भारतीय हथकरघा परंपरा को जीवित रखने में बुनकरों एवं कारीगरों के अहम योगदान की सराहना की और उन्हें प्रोत्साहित किया।

‘वोकल फॉर लोकल’ से बुनकरों को मिल रहे नए अवसर
माननीय मंत्री महोदया ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के "वोकल फॉर लोकल" के आह्वान का जिक्र करते हुए कहा कि "वोकल फॉर लोकल" जैसी पहल से बुनकरों को स्थानीय बाजारों तक बेहतर पहुंच, आय के नए अवसर और पारंपरिक कौशलों के संरक्षण में सहायता मिल रही है।
राज्य मंत्री ने बुनकरों और कारीगरों के योगदान की सराहना
माननीय राज्य मंत्री ने कहा कि, “महिला बुनकरों की कला हमारी समृद्ध विरासत की शक्ति और आत्मनिर्भर भारत की प्रेरणा है।” उन्होंने कहा कि भारतीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प हमारी समृद्ध संस्कृति, रचनात्मकता और आत्मनिर्भर भारत की पहचान को और अधिक सशक्त बनाते हैं।
मंत्री महोदया ने हथकरघा क्षेत्र में बुनकरों और कारीगरों के पारंपरिक कौशल एवं योगदान की सराहना करते हुए कहा कि, “आप जैसे बुनकर और कारीगर आत्मनिर्भर भारत के सशक्त स्तंभ हैं।”
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IA/RP
(रिलीज़ आईडी: 2296167)
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