कृषि एवं किसान कल्‍याण मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मिलकर किसानों ने एथेनॉल के समर्थन में बुलंद की आवाज


एथेनॉल से किसान की आमदनी बढ़ेगी, देश की ऊर्जा भी सुरक्षित होगी; केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह के साथ बैठक में बोले AIKCC के नेता

श्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाक़ात में किसानों ने कहा– एथेनॉल खेती के लिए नया मौका है

एथेनॉल पर गलत नैरेटिव तोड़ने के लिए किसान–सरकार मिलकर करें काम– AIKCC

विभिन्न राज्यों के किसान नेता केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह से बोले: पेट्रोल नहीं, खेत से निकला एथेनॉल देश का भविष्य

कृषि भवन, नई दिल्ली में देशभर के किसान नेताओं ने एथेनॉल और किसानों की आय पर की खुली चर्चा

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- किसानों के लिए खुले हैं कृषि भवन के द्वार, किसान भगवान के समान

प्रविष्टि तिथि: 04 AUG 2026 6:20PM by PIB Delhi

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से मंगलवार को अखिल भारतीय किसान समन्वय समिति (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात कर साफ कहा कि एथेनॉल खेती के लिए बड़ा मौका है, बशर्ते इसकी नीति किसानकेंद्रित हो और फसल का सही दाम सीधे किसान तक पहुँचे। कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने किसान नेताओं के सभी सुझाव ध्यान से सुने तथा अपना मार्गदर्शन देते हुए भरोसा दिलाया कि एथेनॉल पर किसानों की बात को सरकार गंभीरता से लेगी। श्री शिवराज सिंह ने कहा कि किसान उनके लिए भगवान के समान है और किसानों के लिए कृषि भवन के द्वार सदैव खुले हैं।

 

 

कृषि भवन में देशभर के किसान नेता, एथेनॉल पर खुलकर बात

 

नई दिल्ली के कृषि भवन में केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से AIKCC के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाक़ात की, जिसमें पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु सहित देशभर के किसान नेता शामिल रहे। बैठक में मुख्य फोकस एथेनॉल, किसानों की आय, एमएसपी, बाज़ार और राष्ट्रीय कृषि नीति पर रहा, लेकिन किसानों ने साफ़ शब्दों में कहा कि वे एथेनॉल के पक्ष में हैं, बस चाहते हैं कि इस कार्यक्रम का असली लाभ किसान को मिले, केवल कंपनियों या बिचौलियों को नहीं।

 

 

किसानों ने एथेनॉल के पक्ष में क्या कहा

 

किसान नेताओं ने बैठक में एथेनॉल पर अपना रुख साफ किया और कहा कि एथेनॉल से खेत का उत्पाद सिर्फ मंडी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेट्रोल पंप और ऊर्जा बाज़ार तक जाएगा जिससे किसानों के लिए नया और मज़बूत बाज़ार बनेगा। गन्ना, मक्का, चावल और अन्य फीडस्टॉक से एथेनॉल बनने पर किसानों को ज़्यादा खरीददार मिलेंगे और फसल खराब होने या भंडारण की दिक्कत कम होगी।

 

 

किसानों ने कहा कि वे एथेनॉल के खिलाफ नहीं, बल्कि पूरी तरह समर्थन में हैं, लेकिन यह ज़रूरी है कि मक्का हो या गन्ना, किसी भी फसल के समुचित दाम किसानों को मिले। किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि हम चाहते हैं कि एथेनॉल नीति खेती के लिए नया रास्ता बनाए कि हमारे लिए नई चिंता। हम एथेनॉल के साथ हैं, अगर एथेनॉल भी हमारे साथ रहे।

 

एथेनॉल पर गलतफहमी दूर करना ज़रूरीकिसान नेता

 

बैठक में कई किसान नेताओं ने कहा कि एथेनॉल के नाम पर सोशल मीडिया और कुछ प्लेटफॉर्म पर भ्रम फैलाया जा रहा हैकभी गाड़ियों को नुकसान बताकर, कभी किसानों को नुकसान बताकर। किसानों ने मांग की कि कृषि मंत्रालय और किसान संगठन मिलकर साफसाफ समझाएँ कि एथेनॉल से कौनकौन सी फसलें कैसे लाभ में आएँगी और पानी वाली फसलों से सूखासहनशील फसलों की तरफ कैसे शिफ्ट किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी तक पहुंचने के लिए रील, छोटे वीडियो और ज़मीनी सभाओं के ज़रिए एथेनॉल का सही चित्र दिखाना ज़रूरी है।

 

श्री शिवराज सिंह चौहान ने सुझाव सुने, मार्गदर्शन दिया

 

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान पूरे समय किसानों की बात ध्यान से सुनते रहे और बीचबीच में सवाल पूछकर ज़मीनी स्थिति समझते रहे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सोच साफ हैएथेनॉल कार्यक्रम का फायदा खेत से लेकर फ्यूल टैंक तक पूरी चेन में हो, लेकिन सबसे बड़ा हिस्सा किसान के हित में जाए। श्री चौहान ने कहा कि एथेनॉल से देश की ऊर्जा सुरक्षा भी मजबूत होगी और किसानों की जेब भी, हमारा जोर इसी पर है कि किसी फसल और किसी राज्य के साथ अन्याय हो।

 

श्री शिवराज सिंह चौहान ने बैठक में भरोसा दिया कि मक्का, चावल, गन्ना और अन्य फीडस्टॉक के दाम और मांग का संतुलन बनाए रखने के लिए नीति की समीक्षा होगी। किसानहित, विशेषकर मक्काकिसानों के फायदे की दृष्टि से ही निर्णय लिए जाएंगे। एथेनॉल पर जो वैज्ञानिक अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट हैं, उनके माध्यम से नकारात्मक नैरेटिव का जवाब दिया जाएगा, और किसानों के साथ मिलकर तथ्यआधारित संवाद चलाया जाएगा।

 

किसानों की बात, मंत्री का मार्गदर्शनसाझेदारी का संदेश

 

बैठक के अंत में AIKCC के प्रतिनिधियों ने कहा कि वे गाँवगाँव में किसानों को यह संदेश ले जाएँगे कि एथेनॉल को लेकर जो भ्रम है, उसे तथ्यों और ज़मीनी अनुभव के आधार पर तोड़ा जाएगा, और सरकार के साथ मिलकर किसानहित में नीति बनाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जाएगा। श्री शिवराज सिंह चौहान ने भी स्पष्ट संदेश दिया कि किसान संगठन सरकार के विरोधी नहीं, बल्कि नीति के साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि एथेनॉल पर किसानों की बात हमने ध्यानपूर्वक सुनी, अब हमारा काम है कि इन सुझावों के आधार पर ऐसा ढांचा बनाएं जिसमें किसान, देश और ऊर्जातीनों मजबूत हों।

 

ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (AIKCC) के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय अध्यक्ष एआईकेसीसी भारतीय किसान यूनियन (मान) के पूर्व सांसद श्री भूपिंदर सिंह मान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एआईकेसीसी तथा अध्यक्ष राष्ट्रीय किसान प्रोड्यूसर एसोसिएशन श्री बिनोद आनंद, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एआईकेसीसी श्री गुरुसाहब सिंह मान, राष्ट्रीय महासचिव एआईकेसीसी तथा प्रशिक्षक शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री गुणवत पाटिल, सदस्य एआईकेसीसी एवं राष्ट्रीय महासचिव भारतीय किसान यूनियन मान तथा अध्यक्ष किसान यूनियन मान (प्रदेश–UP) श्री अजय अनमोल, सदस्य एआईकेसीसी एवं उपाध्यक्ष शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री ललित बहाले पाटिल, सदस्य एआईकेसीसी एवं राष्ट्रीय महासचिव भारतीय किसान यूनियन मान (हरियाणा) श्री बलराज सिंह संधू, सदस्य एआईकेसीसी एवं अध्यक्ष बीकेयू मान (हरियाणा) श्री सुरजीत सिंह मणि गुर्जर, सदस्य एआईकेसीसी एवं प्रदेश उपाध्यक्ष बीकेयू मान (हरियाणा) श्री जुगनू राणा, सदस्य एआईकेसीसी एवं प्रदेश महासचिव बीकेयू मान (हरियाणा) श्री मनफूल सिंह, सदस्य एआईकेसीसी एवं अध्यक्ष व्यामलान किसान संगठन (तमिलनाडु) श्री वी. मणिक्कम, सदस्य एआईकेसीसी एवं अध्यक्ष किसान जागरण (तेलंगाना) श्री सुगुणाकर राव, सदस्य एआईकेसीसी एवं अध्यक्ष बीकेयू मान (चंडीगढ़) श्री बलवंत सिंह नडियाली, सदस्य एआईकेसीसी एवं प्रवक्ता शेतकारी संगठन (शरद जोशी), महाराष्ट्र श्री दिनेश शर्मा, सदस्य एआईकेसीसी एवं अध्यक्ष मालवा बीकेयू मान श्री बलवीर सिंह तथा सदस्य एआईकेसीसी श्री शिवाराज सिंह शामिल रहे।

*****

आरसी/एमएस


(रिलीज़ आईडी: 2294465) आगंतुक पटल : 199