जनजातीय कार्य मंत्रालय
एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों की स्थिति
प्रविष्टि तिथि:
30 JUL 2026 1:44PM by PIB Delhi
आज लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री श्री दुर्गादास उइके ने बताया कि आज की तारीख तक, देश भर में 728 एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) को अनुमोदन दिया गया है, जिनमें से 508 कार्यशील हैं। बिहार में, 3 ईएमआरएस को अनुमोदन दिया गया है, जिनमें से 02 ईएमआरएस कार्यशील हैं। वर्ष 2025-26 के दौरान 43 नए ईएमआरएस का उद्घाटन देश में ईएमआरएस नेटवर्क के विस्तार का प्रयास है।
देश भर में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालयों (ईएमआरएस) में शिक्षा तथा खेल सुविधाओं की गुणवत्ता बढ़ाने हेतु विभिन्न कदम उठाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शिक्षण सहायक सामग्री से सुसज्जित कक्षाएं, ब्रिज कोर्स, सुधारात्मक कक्षाएं, विज्ञान तथा कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, विविध अधिगम संसाधनों वाले पुस्तकालय, खेल के मैदान तथा खेल उपकरण, संगीत, कला एवं खेल जैसी सह-पाठ्यचर्या (पाठ्येत्तर) गतिविधियों हेतु सुविधाएं, डिजिटल शिक्षा हेतु स्मार्ट कक्षाएं, इंटरनेट सुविधायुक्त कंप्यूटर प्रयोगशालाएं तथा नियोजनीयता (रोजगार क्षमता) बढ़ाने हेतु परिधान, ऑटोमोटिव, एआर/वीआर, एआई, सौंदर्य एवं आरोग्य, कृषि, इलेक्ट्रॉनिक्स तथा खुदरा पर कौशल विकास एवं पेशेवर (व्यावसायिक) प्रशिक्षण कार्यक्रम आदि सम्मिलित हैं।
रिक्तियों के मुद्दे के समाधान के लिए, 9111 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को पहले ही भर्ती किया जा चुका है और देश भर में ईएमआरएस के लिए 7267 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों के दूसरे बैच की परीक्षा आयोजित की गई है। इसके अलावा, राज्य सरकारों को भी रिक्तियों के मुद्दे को हल करने के लिए प्रतिनियुक्ति और अनुबंध आधार पर कर्मचारियों को नियोजित करने की सलाह दी गई है ताकि शैक्षणिक गतिविधियों में कोई बाधा न आए।
ईएमआरएस में बुनियादी ढांचे के अंतर को पाटने के लिए कई उपाय किए गए हैं जैसे कि आधुनिक शैक्षणिक सुविधाओं, छात्रावासों, स्टाफ क्वार्टर और खेल बुनियादी ढांचे को सुनिश्चित करने हेतु मानकीकृत डिजाइन, पुराने स्कूलों के उन्नयन के लिए अतिरिक्त अनुदान, तीसरे पक्ष के निरीक्षण के माध्यम से नियमित निगरानी आदि।
इसके अलावा, राष्ट्रीय आदिवासी छात्र शिक्षा समिति (एनईएसटीएस) ईएमआरएस के निर्माण में तेजी लाने और उन्हें जल्द से जल्द कार्यात्मक बनाने के लिए राज्य सरकारों और कार्यान्वयन एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है। इसके अलावा, राज्य सरकारों को भी जहां भी संभव (व्यवहार्य) हो, वैकल्पिक भवनों में ईएमआरएस को कार्यात्मक बनाने की सलाह दी गई है।
ईएमआरएस का विस्तार सरकार के समावेशी शिक्षा और जनजातीय समुदायों के सशक्तिकरण के उद्देश्यों के अनुरूप निम्न प्रकार से है :
- ईएमआरएस दूरस्थ और जनजातीय बहुल क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण आवासीय शिक्षा प्रदान करता है, जिससे शैक्षणिक असमानताएं कम होती हैं।
- यह योजना भोजन (बोर्डिंग) और आवास सुविधाओं के साथ मुफ्त शिक्षा प्रदान करके शैक्षिक अवसरों तक समान पहुंच को बढ़ावा देती है।
- ईएमआरएस अकादमिक (शैक्षिक) उत्कृष्टता, खेल, कौशल विकास और पाठ्येतर गतिविधियों के माध्यम से जनजातीय छात्रों के समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित करता है।
- यह योजना जनजातीय युवाओं के बीच शैक्षिक उपलब्धि, रोजगार क्षमता और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाती है, जिससे उनके सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण में योगदान मिलता है।
- ईएमआरएस का विस्तार देश भर में जनजातीय समुदायों के लिए समावेशी और सुलभ शिक्षा के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का समर्थन करता है।
*****
पीके/केसी/एसकेएस/एसके
(रिलीज़ आईडी: 2291751)
आगंतुक पटल : 42