विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
डॉ. जितेंद्र सिंह ने संसद को बताया कि पिछले पाँच वर्षों में इंस्पायर (INSPIRE) कार्यक्रम के तहत 3.75 लाख से अधिक छात्रों और शोधकर्ताओं को लाभ मिला
सरकार ने स्कूल से लेकर शोध करियर तक वैज्ञानिक प्रतिभाओं को निखारने के लिए इंस्पायर कार्यक्रम को और मजबूत किया: डॉ. जितेंद्र सिंह
ग्रामीण और आकांक्षी जिलों तक इंस्पायर का विस्तार, 2025-26 में एमएएनएके के तहत 49,800 से अधिक छात्रों को मिला सहयोग
इंस्पायर कार्यक्रम युवाओं में नवाचार और वैज्ञानिक अनुसंधान को लगातार बढ़ावा दे रहा है: डॉ. जितेंद्र सिंह
प्रविष्टि तिथि:
22 JUL 2026 7:19PM by PIB Delhi
सरकार ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के प्रमुख कार्यक्रम अनुसंधान के लिए विज्ञान खोज में नवाचार- इंस्पायर (INSPIRE) के माध्यम से वैज्ञानिक प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। पिछले पाँच वर्षों में इस कार्यक्रम के चार प्रमुख घटकों के तहत 3.75 लाख से अधिक छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान की गई है। यह जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज लोकसभा में एक लिखित उत्तर के माध्यम से दी।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इंस्पायर कार्यक्रम शैक्षणिक और अनुसंधान यात्रा के विभिन्न चरणों में वैज्ञानिक प्रतिभाओं को व्यवस्थित रूप से विकसित कर रहा है। इसके चार प्रमुख घटक हैं- इंस्पायर मानक (एमएएनएके), उच्च शिक्षा के लिए इंस्पायर छात्रवृत्ति (एसएचई), इंस्पायर फेलोशिफ और इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप। ये पहल स्कूली छात्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करती हैं, बुनियादी विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे मेधावी विद्यार्थियों को सहायता देती हैं, डॉक्टरेट स्तर के अनुसंधान को बढ़ावा देती हैं तथा उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को स्वतंत्र अनुसंधान करियर स्थापित करने का अवसर प्रदान करती हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि इंस्पायर-एमएएनएके कक्षा 6 से 12 तक के छात्रों में मौलिक विचारों और नवाचार को प्रोत्साहित कर वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढ़ावा देता है। इंस्पायर-एसएचई के तहत प्राकृतिक एवं बुनियादी विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर अध्ययन कर रहे मेधावी छात्रों को प्रतिवर्ष 12,000 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं, जिनमें प्रत्येक छात्रवृत्ति का मूल्य 80,000 रुपये है। इंस्पायर फेलोशिप के माध्यम से शोधार्थियों को अधिकतम पाँच वर्षों तक डॉक्टरेट अनुसंधान के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, जबकि इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को फेलोशिप और अनुसंधान अनुदान के साथ स्वतंत्र शोध करने का अवसर उपलब्ध कराती है।
कार्यक्रम की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 2025-26 के दौरान इंस्पायर-एमएएनएके के तहत 49,805 छात्रों, इंस्पायर-एसएचई के अंतर्गत 24,276 छात्रों, इंस्पायर फेलोशिप के तहत 3,364 शोधकर्ताओं तथा इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिफ के माध्यम से 477 शोधकर्ताओं को सहायता प्रदान की गई। पिछले पाँच वर्षों में इन चारों घटकों के माध्यम से देशभर में 3.75 लाख से अधिक लाभार्थियों को सहयोग मिला है।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने विशेष रूप से ग्रामीण, दूरस्थ और आकांक्षी जिलों में इंस्पायर कार्यक्रम की पहुंच और समावेशिता बढ़ाने के लिए कई लक्षित पहल की हैं। इसके तहत राज्य शिक्षा विभागों, जिला शिक्षा अधिकारियों, विद्यालयों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम की व्यापक जानकारी प्रसारित की गई है। साथ ही जागरूकता अभियान, ओरिएंटेशन कार्यक्रम, वेबिनार तथा शिक्षकों और विद्यालय प्रशासन के लिए क्षमता निर्माण कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जा रहा है।
युवा नवप्रवर्तकों की पहचान और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए इंस्पायर-एमएएनएके के अंतर्गत नियमित रूप से जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी एवं परियोजना प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है। चयनित छात्रों को आईआईटी, एनआईटी, आईआईएसईआर तथा अन्य प्रमुख वैज्ञानिक संस्थानों के सहयोग से मार्गदर्शन भी दिया जाता है, ताकि वे अपने नवाचारों के प्रोटोटाइप विकसित कर सकें और अनुसंधान एवं नवाचार की अपनी क्षमताओं को मजबूत बना सकें।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन सतत प्रयासों से देश में वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा मिला है, जमीनी स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहन मिला है, विज्ञान शिक्षा और अनुसंधान के अवसरों तक समान पहुंच का विस्तार हुआ है तथा देश के प्रत्येक क्षेत्र से युवा वैज्ञानिक प्रतिभाओं की भागीदारी सुनिश्चित हुई है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बढ़ते हुए छात्र नवाचार अनुदान, मार्गदर्शन और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसरों का लाभ उठा रहे हैं।
डॉ. सिंह ने राज्यवार आंकड़े भी साझा किए और बताया कि ओडिशा तथा राजस्थान ने इंस्पायर कार्यक्रम के विभिन्न घटकों के तहत उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि सरकार अधिक से अधिक मेधावी छात्रों को विज्ञान में उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए प्रेरित करने तथा भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और वैज्ञानिक मानव संसाधन को मजबूत बनाने के उद्देश्य से इंस्पायर कार्यक्रम को आगे भी प्रोत्साहित करती रहेगी।


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पीके/केसी/केजे
(रिलीज़ आईडी: 2288124)
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