ग्रामीण विकास मंत्रालय
3 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य हासिल; 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के संकल्प को मिशन मोड में पूरा करने पर जोर: श्री शिवराज सिंह चौहान
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा – “कोई भी पात्र SHG सदस्य आजीविका के अवसरों से वंचित न रहे”
प्रविष्टि तिथि:
04 JUN 2026 6:18PM by PIB Delhi
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने लखपति दीदी पहल की प्रगति और भविष्य की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि दिसंबर 2025 तक 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा चुका है। उन्होंने राज्यों से आह्वान किया कि इस उपलब्धि को आगे बढ़ाते हुए अतिरिक्त 3 करोड़ लखपति दीदी बनाने के संकल्प को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए मिशन मोड में कार्य करें। उन्होंने राज्यों को इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हरसंभव सहयोग, मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
RNHU.jpeg)
बैठक में विभिन्न राज्यों की प्रगति और आगामी रणनीति की समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अब प्राथमिकता अतिरिक्त 3 करोड़ महिलाओं को स्थायी एवं विविध आजीविका गतिविधियों से जोड़ने की है, ताकि उनकी आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पात्र स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्य तक आजीविका के अवसर पहुंचें और किसी भी पात्र महिला को इन अवसरों से वंचित न रहना पड़े।
श्री चौहान ने कहा कि लखपति दीदी पहल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक परिवर्तनकारी अभियान के रूप में उभरी है। उन्होंने कहा कि देशभर में लगभग 4.11 करोड़ संभावित लखपति दीदियों (Potential Lakhpati Didis) की पहचान की जा चुकी है, जो अगले चरण के लक्ष्य प्राप्त करने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करती हैं। उन्होंने राज्यों से इन महिलाओं को कृषि, पशुपालन, सूक्ष्म उद्यम, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, व्यापार, सेवाओं तथा अन्य गैर-कृषि गतिविधियों से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि DAY-NRLM के तहत विकसित मजबूत सामुदायिक तंत्र इस अभियान की प्रमुख शक्ति है। देशभर में लगभग 4.09 लाख आजीविका सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (Community Resource Persons) स्वयं सहायता समूहों को आजीविका गतिविधियों की योजना, क्रियान्वयन और मार्गदर्शन में सहयोग प्रदान कर रहे हैं। इनके समर्थन के लिए 6,600 से अधिक मास्टर ट्रेनरों का नेटवर्क भी कार्यरत है, जो प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और गुणवत्ता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल आजीविका रजिस्टर (DAR) के माध्यम से आजीविका गतिविधियों और आय संबंधी जानकारी का व्यवस्थित संकलन किया जा रहा है। अब तक 17.24 करोड़ से अधिक DAR प्रविष्टियां दर्ज की जा चुकी हैं, जो ग्रामीण परिवारों द्वारा अपनाई जा रही विविध आजीविका गतिविधियों और आय में हो रहे परिवर्तनों को दर्शाती हैं।
श्री चौहान ने कहा कि लखपति दीदी अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और निगरानी के लिए प्रौद्योगिकी एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित समाधानों का भी उपयोग किया जा रहा है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और डेटा-आधारित प्रणालियों के माध्यम से लाभार्थियों की पहचान, आजीविका गतिविधियों की निगरानी तथा परिणामों के मूल्यांकन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।
बैठक में राज्यों द्वारा बैंक ऋण, उद्यमिता विकास, कौशल उन्नयन, बाजार संपर्क और आजीविका विविधीकरण से संबंधित पहलों की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, बैंकों और अन्य हितधारकों के समन्वित प्रयासों से 6 करोड़ लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर हासिल किया जा सकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से मिशन मोड में कार्य करते हुए जमीनी स्तर पर परिणाम सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
8N13.jpeg)
बैठक में ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री रोहित कंसल, अतिरिक्त सचिव श्री टी. के. अनिल कुमार, संयुक्त सचिव सुश्री स्वाति शर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
***
RC/PU
(रिलीज़ आईडी: 2268993)
आगंतुक पटल : 238