गृह मंत्रालय
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केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राजस्थान के बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित BSF की सांचू पोस्ट पर आयोजित प्रहरी सम्मेलन को संबोधित किया और महिला बैरकों का ई-उद्घाटन किया


मोदी सरकार लेटरल रोड का निर्माण, हाईटेक फेंसिंग और राजस्थान की 180 चौकियों तक पाइप लाइन से पीने का पानी पहुँचाकर सीमा की तस्वीर बदल रही है

कठिन भौगोलिक चुनौती और विषम परिस्थिति के बावजूद सीमाओं पर डटे रहे BSF, 2000 शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन

बॉर्डर सिक्योरिटी का ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ - BSF, सेना, सीमांत नागरिक और स्थानीय प्रशासन; बॉर्डर सिक्योरिटी isolated duty नहीं, territorial responsibility है

शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी, जो चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड से ही संभव है

BSF सीमा से 50 किमी के गाँवों में Unnatural Demographic Change पर नजर रखे, किसी तरह के अवैध निर्माण पर स्थानीय प्रशासन को आगाह करे

बॉर्डर पर अगले 6 महीने में ड्रोन रोधी संयंत्र लगेंगे, जल्द ही सीमा सुरक्षा की विश्वस्तरीय टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जाएगी

तकनीक का दुरुपयोग कर रहे देशविरोधी तत्व, इसी कारण मोदी सरकार ने BSF का कार्यक्षेत्र 15 किमी से बढ़ाकर 50 किमी किया

‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ में BSF ले लीड, सीमांत गाँवों में हर जनकल्याण योजना का हो 100% सैचुरेशन

नारकोटिक्स और हथियारों की स्मगलिंग को कठोरता से समाप्त करने के सारे उपाय करे BSF

सीमा के भीतर आंतरिक खतरा पैदा करने वालों पर हमारी पैनी नजर हो, उन पर ruthlessly कानूनी कार्रवाई हो

प्रविष्टि तिथि: 26 MAY 2026 7:44PM by PIB Delhi

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज राजस्थान के बीकानेर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर स्थित सीमा सुरक्षा बल (BSF) की सांचू पोस्ट पर जवानों से संवाद किया और महिला बैरकों का ई-उद्घाटन किया। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा, केन्द्रीय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल, केन्द्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक, सीमा प्रबंधन सचिव और BSF के महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

जवानों को संबोधित करते हुए गृह मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि BSF की स्थापना के समय से ही सीमा प्रहरियों ने धूप, ठंड, बारिश, घने जंगल, बर्फीली चोटियों और 45 डिग्री तापमान से लेकर माइनस 45 डिग्री तापमान की परवाह किए बगैर देश की सीमाओं की सुरक्षा के दायित्व का कर्तव्यपरायणता, वीरता, साहस और सर्वोच्च बलिदान की भावना के साथ निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि 2000 से अधिक सीमा प्रहरियों का बलिदान न केवल BSF और भारत सरकार, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों पर BSF का ऋण है। गृह मंत्री ने कहा कि सीमा प्रहरियों पर पूरे देश को गर्व है।

श्री अमित शाह ने कहा कि सरकार ने तय किया है कि जेंडर न्यूट्रल तरीके से हर काम में हमारे देश की बेटियों का सहयोग लिया जाएगा और उन्हें अवसर दिए जाएंगे। गृह मंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में बॉर्डर की सुरक्षा में बेटियों की भूमिका और उनके लिए आवश्यक सुविधाओं को लेकर कमी थी, मगर हमारी बेटियों ने बेटों से दो कदम आगे बढ़कर देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि हम 2030 तक सीमा सुरक्षा में तैनात सभी बेटियों के लिए आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करेंगे। श्री शाह ने बताया कि राजस्थान में 79 बैरक स्वीकृत हुए हैं और लगभग 39 करोड़ रुपये के खर्च से उनमें से 67 बैरकों का कार्य पूरा हो चुका है। इनमें से 14 बैरकों का आज लोकार्पण हुआ। गृह मंत्री ने कहा कि बीएसएफ जिन सीमाओं की चौकसी करती है, वहां लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से कुल 356 बैरक बनेंगे। इन बैरकों के बनने के बाद महिला जवानों के लिए यहां ड्यूटी करना और अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि 2014 में श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रधानमंत्री बनने के बाद, देश के सुरक्षा परिदृश्य में आमूलचूल परिवर्तन आया है। सेना का आधुनिकीकरण हो रहा है और हमारी बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्सेस का भी आधुनिकीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा आतंकवादियों के किसी भी प्रयास को Ruthlessly मुंहतोड़ जवाब देने की नीति भी भारत सरकार ने अपनाई है। गृह मंत्री ने कहा कि शून्य घुसपैठ सुनिश्चित करना हमारी जिम्मेदारी है, जो बॉर्डर सिक्योरिटी के ‘चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड’ - BSF, सेना, सीमांत नागरिक और स्थानीय प्रशासन – के माध्यम से ही हो सकता है।

श्री अमित शाह ने कहा कि बीएसएफ के जवानों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सराहनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि जहां-जहां बीएसएफ ने मोर्चा संभाला, वहां वे पूरी दृढ़ता से डटे रहे। इतना ही नहीं, सीमांत जिलों में रहने वाले लोगों का हौसला बनाए रखने में भी बीएसएफ ने बड़ा योगदान दिया। जहां आवश्यकता पड़ी, वहां बीएसएफ के जवानों ने अपनी परंपरा के अनुरूप पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया।

गृह मंत्री ने ऐतिहासिक सांचू चौकी का दौरा करने पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के समय सांचू की आबादी 500 से अधिक थी और आरएसी की चौकी सांचू से लगभग 25 किलोमीटर पीछे रणजीतपुरा गांव में स्थित थी। जब तीन आरएसी और 13 ग्रेनेडियर के जांबाज जवानों को सूचना मिली कि पाकिस्तान सांचू पर कब्जा करने की कोशिश कर रहा है, तब उन्होंने भीषण हमला कर सांचू को भारत की सीमा में सुरक्षित बनाए रखा और पाकिस्तान को यहां से पीछे हटना पड़ा। गृह मंत्री ने कहा कि 12वीं वाहिनी बीएसएफ का हिस्सा बन चुकी तीन आरएसी बड़े गर्व के साथ हर वर्ष विजय उत्सव मनाती है। इस विजय दिवस को “सांचू दिवस” नाम दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह पोस्ट भारत के युद्ध इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि पूरे राजस्थान के रेगिस्तान में एक Lateral Road का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। लगभग 1096 किलोमीटर लंबी Lateral Road और 520 किलोमीटर लंबी Axial Road बीएसएफ के जवानों को सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ ही कनेक्टिविटी को दुरुस्त करेंगी।  गृह मंत्री ने कहा कि यहां न्यू डिजाइन फेंसिंग यानि बाड़ लगाने का काम भी चल रहा है और राजस्थान की लगभग 180 चौकियों पर पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाने का काम पूरा हो चुका है।

श्री अमित शाह ने कहा कि अब हमें बीएसएफ की परंपरागत ड्यूटी को नए नजरिए से देखना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा के साथ ही अवैध तस्करी, घुसपैठ पर नजर और सीमा पार की गतिविधियों पर दिन-रात पैनी नजर रख कर हमें अपनी तैयारियों को और पुख्ता करना होगा। गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने कुछ साल पहले बीएसएफ का कार्यक्षेत्र सीमा से 15 किलोमीटर से बढ़ाकर 50 किलोमीटर तक करने का निर्णय किया था। उन्होंने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि सीमा से 50 किलोमीटर के अंदर यदि किसी गांव में कोई अवैध निर्माण होता है तो हम सिविल प्रशासन को सूचित करें। 50 किलोमीटर के दायरे में यदि कृत्रिम तरीके से जनसांख्यिकी परिवर्तन हो रहा है, तो उसके प्रति सजग रहकर राज्य सरकार को आगाह करें। हमारी जिम्मेदारी है कि ड्रोन और अन्य उपकरणों से नारकोटिक्स और हथियारों की स्मगलिंग होती है, तो उसे कठोरता से बंद करने के सभी जरूरी उपाय करें।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ड्रोन रोधी संयंत्र लगाने की शुरुआत अगले 6 माह में कर लेगी, परंतु यह जानना जरूरी है कि ड्रोन जब भारत की भूमि पर उतरता है तो उसे रिसीव कौन करता है। कौन ड्रोन में लाई गई सामग्री को देश विरोधी कार्यों के लिए उपयोग करता है, इस पर हमारी पैनी नजर होनी चाहिए। इसके न्यूट्रलाइजेशन के लिए सिविल अधिकारियों और जिला पुलिस से हमारा बेहतरीन संपर्क होना चाहिए और हमें परिणामलक्षी कार्रवाई करनी चाहिए।

श्री अमित शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा बनाई गई योजना के तहत सीमांत गांवों का विकास हो रहा है। बीएसएफ को वाइब्रेंट विलेजेज प्रोग्राम के तहत इसका नेतृत्व करना चाहिए और राज्य सरकार और भारत सरकार की जनकल्याण योजनाओं का सीमांत गांवों में 100% सैचुरेशन सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयास होना चाहिए। हमें सीमांत गांवों की आने वाली पीढ़ियों को जागरूक करना पड़ेगा, तभी बीएसएफ, सेना और जागरूक नागरिक मिलकर एक मजबूत सुरक्षा ग्रिड बना सकते हैं।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सरहद पार से पैदा होने वाले सारे खतरों पर हमारी नजर होनी ही चाहिए। साथ ही हमारी सरहद के अंदर जिन लोगों का उपयोग कर आंतरिक खतरा होता है, उस पर भी हमारी नजर होनी चाहिए और उसके खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई करनी चाहिए। श्री अमित शाह ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश सीमाओं की सुरक्षा की ज़िम्मेदारी बीएसएफ की है। इन दोनों सीमाओं पर हमें चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करना है। किसी भी खतरे से निपटने के लिए बीएसएफ़, सेना, सीमांत नागरिक और स्थानीय प्रसाशन चारों को संयुक्त रूप से कार्य करना है, इसीलिए इसे चतुष्कोणीय ग्रिड का नाम दिया है। बॉर्डर सिक्योरिटी isolated duty नहीं, हम सब की territorial responsibility है।

श्री अमित शाह ने कहा कि केन्द्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों ने वृक्षारोपण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि बीते पाँच साल में केन्द्रीय सशस्त्र सुरक्षा बलों के जवानों ने लगभग 7 करोड़ 35 लाख वृक्ष लगाने का काम किया है। जलवायु परिवर्तन और पृथ्वी के बढ़ते तापमान को देखते हुए इतनी बड़ी संख्या में लगाए गए वृक्ष आने वाले समय में बहुत उपयोगी सिद्ध होंगे। गृह मंत्री ने खेजड़ी का पौधा भी लगाया। उन्होंने कहा कि खेजड़ी का वृक्ष रेगिस्तान के लिए कल्पवृक्ष की तरह होता है।

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आरके / आरआर / पीआर / पीएस


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