लोकसभा सचिवालय
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लोकसभा अध्यक्ष ने समावेशी और मूल्य-आधारित शिक्षा पर ज़ोर दिया


लोकसभा अध्यक्ष ने युवाओं से लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया

लोकसभा अध्यक्ष ने दिल्ली विश्वविद्यालय के किरोड़ीमल कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित किया

प्रविष्टि तिथि: 23 APR 2026 8:17PM by PIB Delhi

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने किरोड़ीमल कॉलेज के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल रोज़गार पाने तक ही सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह सामाजिक ज़िम्मेदारी, समावेशिता और चरित्र-निर्माण का शक्तिशाली माध्यम बननी चाहिए। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी आकांक्षाओं को व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ जोड़ें और लोकतंत्र में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रगति का सही पैमाना तभी सार्थक होता है, जब अवसर और विकास समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचें।

भारत के बदलते शैक्षिक परिदृश्य की जानकारी देते हुए श्री बिरला ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, आलोचनात्मक सोच (critical thinking) और शैक्षिक लचीलेपन को बढ़ावा देकर परिवर्तनकारी युग की शुरुआत कर रही है। उन्होंने कहा कि यद्यपि ज्ञान और कौशल आवश्यक हैं, फिर भी सार्थक और स्थायी सफलता सुनिश्चित करने के लिए इन्हें मज़बूत नैतिक मूल्यों, ईमानदारी और दृढ़ता से पूरित किया जाना चाहिए। शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर ज़ोर देते हुए उन्होंने शिक्षकों को समाज का सच्चा निर्माता बताया, जो केवल ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि ज़िम्मेदार, जागरूक और राष्ट्र-उन्मुख नागरिकों का भी निर्माण करते हैं।

श्री बिरला ने कॉलेज की समावेशी योजनाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक तथा कौशल विकास के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को सशक्त बनाकर, यह संस्थान समतामूलक शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समावेशिता के प्रति गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिक्षा में सामाजिक न्याय और समानता के सिद्धांतों को शामिल करना अनिवार्य है। लोकसभा अध्यक्ष ने इस बात पर संतोष व्यक्त किया कि किरोड़ीमल कॉलेज अपने समावेशी दृष्टिकोण के माध्यम से इन आदर्शों को सक्रिय रूप से साकार कर रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ने महाराजा अग्रसेन कॉलेज के विद्यार्थियों को संबोधित किया

इससे पहले, श्री  बिरला ने दिल्ली विश्वविद्यालय के महाराजा अग्रसेन कॉलेज के वार्षिक दिवस समारोह को संबोधित किया। उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे केवल अपने चुने हुए क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करें, बल्कि राष्ट्र की लोकतांत्रिक और विकासात्मक यात्रा की ज़िम्मेदारी भी उठाएँ। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया किविकसित भारत 2047’ का सपना केवल युवाओं की दूरदृष्टि, नवाचार और प्रतिबद्धता के माध्यम से ही साकार किया जा सकता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने भारत के युवाओं को आत्मविश्वासी, महत्वाकांक्षी और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी बताया। श्री बिरला ने कहा कि भारतीय युवा पहले से ही नवाचार, अनुसंधान, उद्यमिता और वैश्विक नेतृत्व जैसे क्षेत्रों में अपनी छाप छोड़ रहे हैं, जो विश्व मंच पर देश के बढ़ते कद को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह अभूतपूर्व अवसरों का समय है, जहाँ युवाओं में भारत को अग्रणी वैश्विक शक्ति में बदलने की क्षमता है। सफलता की नींव के रूप में कड़ी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प पर ज़ोर देते हुए, उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, उत्कृष्टता के लिए प्रयास करने और 'आत्मनिर्भर भारत' के निर्माण में सक्रिय रूप से योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि शासन और नीति-निर्माण में युवाओं की अधिक भागीदारी लोकतांत्रिक संस्थाओं को मज़बूत करेगी और उत्तरदायी तथा भविष्य-उन्मुख नेतृत्व सुनिश्चित करेगी।

महाराजा अग्रसेन कॉलेज की सराहना करते हुए, श्री बिरला ने इसे आधुनिक शिक्षा का जीवंत केंद्र बताया, जो अनुसंधान, नवाचार और बौद्धिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है। महाराजा अग्रसेन के प्रेरणादायक शासन का ज़िक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि समानता, सामाजिक सद्भाव और सामूहिक समृद्धि पर आधारित उनका कल्याण-उन्मुख मॉडल आज भी प्रासंगिक है। सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और नेतृत्व को याद करते हुए, उन्होंने सरदार पटेल को भारत के मज़बूत संवैधानिक और प्रशासनिक ढाँचे का प्रेरणा स्रोत बताया। लोकसभा अध्यक्ष ने इतिहास से सीखने के महत्व पर ज़ोर देते हुए कहा कि महान नेताओं के जीवन और दर्शन को समझना चरित्र को मज़बूत करता है, आत्मविश्वास बढ़ाता है और युवाओं में राष्ट्र-निर्माण की भावना को गहरा करता है।

लोकसभा अध्यक्ष ने डीपीएस, मथुरा रोड के विद्यार्थियों को संबोधित किया

इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड के वार्षिक दिवस समारोह में भी शिरकत की। उन्होंने राष्ट्र-निर्माण में शिक्षा और चरित्र-निर्माण के महत्व पर बात की। इस अवसर पर, विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और प्रयासों के लिए उन्हें सराहा और सम्मानित किया गया। श्री बिरला ने तेज़ी से बदलती दुनिया में नवाचार, मौलिक सोच और प्रौद्योगिकी के महत्व पर बल दिया। उन्होंने यह भी कहा किविकसित भारत 2047’ महज़  नीतिगत दृष्टिकोण नहीं है, बल्कि स्वतंत्रता की शताब्दी तक भारत को विकसित, समावेशी और आत्मनिर्भर राष्ट्र में बदलने का सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प है।

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