विधि एवं न्‍याय मंत्रालय
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हिन्दी में विधायी प्रारूपण क्षमता सुदृढ़ करने हेतु आईएलडीआर का तीसरा बुनियादी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम आरंभ

प्रविष्टि तिथि: 20 APR 2026 8:11PM by PIB Delhi

विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान ने भारत सरकार की नीति के अंतर्गत हिन्दी में मूल प्रारूपण का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तीसरा बुनियादी पाठ्यक्रम तैयार किया है, जिसका उद्देश्य राज्य सरकारों/संघ राज्य क्षेत्रों के अधिकारियों को प्रशिक्षण देना है, ताकि हिन्दी में विधायी प्रारूपण की क्षमता का विकास किया जा सके और हिन्दी में विधायी प्रारूपण को प्राथमिकता दी जा सके। इसी क्रम में, विधि और न्याय मंत्रालय के विधायी विभाग के तत्वावधान में स्थापित विधायी प्रारूपण और अनुसंधान संस्थान (आई.एल.डी.आर.) द्वारा हिन्दी में मूल प्रारूपण के प्रशिक्षण हेतु एक माह के तीसरे बुनियादी पाठ्यक्रम का आयोजन विधायी प्रशिक्षण सभागार, कर्त्तव्य भवन-2, नई दिल्ली में किया जा रहा है।  

उक्त तीसरे बुनियादी पाठ्यक्रम का शुभारंभ डॉ. मनोज कुमार, अपर सचिव एवं पाठ्यक्रम निदेशक (आई.एल.डी.आर.) ने किया, इस अवसर पर डॉ के वी कुमार, अपर सचिव, डॉ ब्रजेश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव एवं विधायी परामर्शी, श्री अश्वनी, संयुक्त सचिव एवं विधायी परामर्शी, श्री पुण्डरीक शर्मा, संपादक, डॉ सुधा चौधरी, उप विधायी परामर्शी, श्री कृष्ण कुमार शर्मा, उप विधायी परामर्शी तथा विधायी विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

इस पाठ्यक्रम में विधायी प्रारूपण के सैद्धांतिक पहलुओं के अतिरिक्त व्यावहारिक प्रशिक्षण का भी समावेश किया गया है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भारत सरकार के पाँच मंत्रालयों/विभागों तथा तीन राज्य सरकारछत्तीसगढ़, बिहार और उत्तराखंडके अधिकारी भाग ले रहे हैं। यह कार्यक्रम समकालीन विधायी प्रारूपण कौशल को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। साथ ही, इस पाठ्यक्रम में सरल एवं स्पष्ट (Plain language) भाषा में विधायी प्रारूपण पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि विधायी प्रावधान अधिक सुगम, बोधगम्य और जन-सामान्य के लिए सहज रूप से समझने योग्य बन सकें।

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Samrat/PN


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