इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
डिजिटल इंडिया भाषिणी (BHASHINI) प्रभाग और पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण(पीएफआरडीए) ने पेंशन सेवाओं में बहुभाषी सुविधा के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए
भारतीय भाषाओं में सहज संचार को सक्षम बनाकर समावेशी पेंशन इकोसिस्टम को समर्थन देने की पहल
प्रविष्टि तिथि:
25 MAR 2026 9:47PM by PIB Delhi
इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (डीआईसी) के तहत डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग (डीआईबीडी) और पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने “सेवा/संचालन के लिए भाषिणी – एक भाषिणी सहयोगी कार्यक्रम” शीर्षक पहल के अंतर्गत एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस सहयोग का उद्देश्य भारत के राष्ट्रीय भाषा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना ‘भाषिणी प्लेटफॉर्म’ के साथ एकीकरण के माध्यम से पेंशन फंड सेवाओं के पारिस्थितिकी तंत्र में बहुभाषी डिजिटल क्षमताओं को सुदृढ़ करना है।
यह समझौता ज्ञापन (एमओयू) पेंशन क्षेत्र में भाषा की पहुंच को बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म तथा उपयोगकर्ता इंटरफेस में संचार को बेहतर बनाने के लिए पीएफआरडीए प्रणालियों के साथ भाषिणी के अनुवाद एपीआई, बहुभाषी एआई मॉडल और वॉइस-सक्षम तकनीकों के एकीकरण हेतु एक रूपरेखा स्थापित करता है।
यह पहल पीएफआरडीए के संचालन और संचार ढांचे के भीतर भारत के संविधान की आठवीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त सभी 22 भाषाओं में बहुभाषी पहुंच को सुदृढ़ करना है, जिससे ग्राहकों और हितधारकों के लिए अधिक समावेशिता सुनिश्चित हो सके।
सहयोग के प्रभाव को रेखांकित करते हुए, पीएफआरडीए की कार्यकारी निदेशक ममता रोहित ने कहा, “पेंशन प्रणालियों के प्रभावी विस्तार के लिए भाषा संबंधी बाधाओं को दूर करना अत्यंत आवश्यक है। भाषिणी जैसे प्लेटफॉर्म हमें विविध जनसमूहों से उनकी पसंदीदा भाषाओं में जुड़ने में सक्षम बनाते हैं, जिससे संचार अधिक सुलभ और संदर्भ-आधारित हो जाता है। यह पहली बार बचत करने वाले लोगों और उन व्यक्तियों तक पहुंच बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो भाषाई बाधाओं के कारण औपचारिक सेवानिवृत्ति योजना से बाहर रहे हैं, और इस प्रकार वित्तीय समावेशन को मज़बूती मिलेगी।”
इस सहयोग में संरचित योगदानों के माध्यम से भाषाई डेटा-सेट को समृद्ध करना भी शामिल किया गया है, जिससे संस्थागत उपयोग के लिए बहुभाषी एआई प्रणालियों के प्रदर्शन और विस्तार क्षमता में निरंतर सुधार संभव हो सकेगा। ये प्रयास व्यापक ‘भाषिणी सहयोगी’ ढांचे के अंतर्गत किए जाएंगे, जिससे बदलती क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुरूप एआई मॉडलों की अनुकूलन क्षमता सुनिश्चित की जा सके।
इस सहयोग पर बोलते हुए, डिजिटल इंडिया भाषिणी प्रभाग के सीईओ अमिताभ नाग ने कहा, “पीएफआरडीए के साथ यह सहयोग महत्वपूर्ण वित्तीय सेवाओं में बहुभाषी और वॉइस-सक्षम पहुंच के विस्तार की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे बड़े पैमाने पर पहुंच संभव होगा और नागरिक-केंद्रित डिजिटल शासन को हर भारतीय के करीब लाया जा सकेगा।”
इस समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर भारत के जन-स्तर की भाषा अवसंरचना के रूप में भाषिणी की भूमिका को सुदृढ़ करता है, जो शासन और वित्तीय सेवा क्षेत्रों में समावेशी, सुरक्षित और पारस्परिक रूप से संचालित बहुभाषी एआई प्रणालियों के विकास का समर्थन करती है।
पेंशन फंड विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) भारत सरकार द्वारा स्थापित एक वैधानिक नियामक संस्था है, जिसकी ज़िम्मेदारी भारत में पेंशन क्षेत्र को विनियमित करना, बढ़ावा देना और विकसित करना है।
भाषिणी (BHASHINI) के बारे में
भाषा इंटरफेस फॉर इंडिया (भाषिणी) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत एक एआई-संचालित भाषा प्रौद्योगिकी पहल है, जो 36 से अधिक टेक्स्ट, 23 वॉइस और 35 अंतरराष्ट्रीय भाषाओं तक फैली बहुभाषी एआई क्षमताओं को सक्षम बनाती है और साक्षरता तथा भाषा के बीच के अंतर को पाटती है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन के अंतर्गत शुरू की गई यह पहल डिजिटल सेवाओं तक सहज बहुभाषी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन की गई है। इसका एआई-आधारित प्लेटफॉर्म भारतीय भाषाओं में अनुवाद और वॉइस-आधारित इंटरैक्शन का समर्थन करता है, जिससे सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की पहल को व्यापक जनसमूह तक प्रभावी रूप से पहुंचाने में मदद मिलती है।
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पीके/केसी/पीकेपी
(रिलीज़ आईडी: 2245523)
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