रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय : उर्वरक विभाग
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उर्वरक विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने श्री रजत कुमार मिश्र (सचिव) की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प को दोहराया


देशवासियों के प्रति सेवा भाव और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण उद्देश्य

प्रविष्टि तिथि: 02 MAR 2026 6:34PM by PIB Delhi

आज उर्वरक विभाग, कर्तव्य भवन में रजत कुमार मिश्र, सचिव, उर्वरक विभाग की अध्यक्षता में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की एक विशेष बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए सेवा संकल्प को दोहराया गया तथा इसके उद्देश्य और क्रियान्वयन के तरीकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

यह आयोजन 24 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की ऐतिहासिक प्रथम बैठक के अनुरूप था। प्रधानमंत्री ने कहा था कि कर्तव्य, सेवा और समर्पण की त्रिवेणी से यह कार्यस्थल एक तीर्थ की भांति पवित्र बने — यही इसकी मूल भावना है।

सेवा तीर्थ में हुई प्रथम बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यह संकल्प लिया था कि यहां से लिया गया प्रत्येक निर्णय 140 करोड़ देशवासियों की सेवा भावना से प्रेरित होगा और राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य से जुड़ा होगा।

आज इसी भावना के अनुरूप श्री रजत कुमार मिश्र (सचिव) के नेतृत्व में उर्वरक विभाग के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री के सेवा संकल्प को पुनः दोहराया। संकल्प दोहराने के बाद सचिव महोदय ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित किया और सरकार की विभिन्न सकारात्मक उपलब्धियों पर सार्थक चर्चा की. उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों से इन बदलावों के प्रभाव पर अपने विचार साझा करने को कहा।

इस अवसर पर श्रीमती अपर्णा एस. शर्मा, अपर सचिव ने हर घर शौचालय को एक बड़ी उपलब्धि बताया, जिससे महिलाओं को खुले में शौच से मुक्ति मिली।

डॉ. कृष्णकांत पाठक, संयुक्त सचिव ने बैंकों का आधार से जुड़ना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया, जिससे सब्सिडी और सरकारी सुविधाएँ सीधे लाभार्थियों तक पहुँच सकीं।

इसके अतिरिक्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जन-धन योजना, डिजिटल इंडिया, आयुष्मान भारत स्वास्थ्य सेवाएँ, आधारभूत संरचना का विकास, महिला विकास, आंगनवाड़ी सेवाएँ, परिवहन एवं संचार सुविधाओं का विस्तार, स्वयं सहायता समूहों की भूमिका तथा जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रमुख उपलब्धियों के रूप में रेखांकित किया।

सचिव महोदय ने प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2014 में लाल बत्ती का वीवीआईपी कल्चर समाप्त करने के निर्णय को एक ऐतिहासिक और साहसिक पहल बताया, जिसने शासन में समानता और विनम्रता की भावना को सुदृढ़ किया।

अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा कि सरकार हम सभी पर विश्वास करती है और यह विश्वास हमारी जिम्मेदारी को और बढ़ाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपने कर्तव्य को समझना ही सबसे बड़ी बुद्धिमत्ता है।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से आग्रह किया कि कर्तव्य भवन में उपलब्ध नए कार्य वातावरण में पूरी निष्ठा से कार्य करें, अपने योगदान और उत्तरदायित्व को स्पष्ट रूप से निर्धारित करें तथा सेवा संकल्प की भावना को अपने दैनिक कार्यों में उतारें।

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NEERAJ KUMAR BHATT/AMIT
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