आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय
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सचिव एमओएचयूए ने पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की छठी बैठक की अध्यक्षता की


पीएमएवाई-शहरी 2.0 के तहत 2.88 लाख अतिरिक्त घरों को मंजूरी दी गयी, कुल मंजूरियों की संख्या 13.61 लाख पहुंची

शहरी प्रवासियों, कामकाजी महिलाओं व शहरी गरीबों के लिए 12800 से अधिक किराए के आवास वाली परियोजनाओं को मंजूरी

पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 96% घर महिलाओं के नाम आवंटित

प्रविष्टि तिथि: 23 FEB 2026 6:35PM by PIB Delhi

नई दिल्ली में 23 फरवरी 2026 को आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (एमओएचयूए) के सचिव श्री श्रीनिवास कतकीथला की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (सीएसएमसी) की छठी बैठक के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) के तहत कुल 2.88 लाख घरों को मंजूरी दी गई है। इस बैठक में सभी के लिए आवास के संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक (जेएस एंड एमडी) श्री कुलदीप नारायण और मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पीएमएवाई-यू मिशन निदेशकों ने भाग लिया।

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पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत 2,87,618 घरों की नवीनतम मंजूरी के साथ, इस योजना के तहत स्वीकृत घरों की कुल संख्या अब 13.61 लाख से अधिक हो गई है, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग(ईडब्लूएस), अल्प आय वर्ग (एलआईजी) और मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) से संबंधित शहरी परिवारों के लिए सम्मानजनक और किफायती आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने की सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

नए स्वीकृत घरों को 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, जैसे कि आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, नागालैंड, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में योजना के विभिन्न घटकों के तहत अनुमोदित किया गया है, जिनमें लाभार्थी आधारित निर्माण के तहत 1.66 लाख घर, भागीदारी में किफायती आवास के तहत 1.09 लाख घर और किफायती किराये के आवास के तहत 12,846 घर शामिल हैं। एमओएचयूए शहरी प्रवासियों, बेघर, औद्योगिक श्रमिकों, कामकाजी महिलाओं, निर्माण श्रमिकों और अन्य कमजोर समूहों की किफायती किराये की आवास आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एआरएच के माध्यम से किराये के आवास को एक अलग घटक के रूप में बढ़ावा दे रहा है। आज की बैठक में किफायती किराये के आवास के तहत लगभग 12,846 घरों को मंजूरी दी गई है।

इसके अलावा, सीएसएमसी ने छत्तीसगढ़, पुडुचेरी और राजस्थान में तीन प्रदर्शन आवास परियोजनाओं (डीएचपी) को भी मंजूरी दी, जिसमें प्रत्येक परियोजना में 40 आवास इकाइयां शामिल हैं। ये परियोजनाएं आधुनिक और लागत प्रभावी निर्माण प्रथाओं का प्रदर्शन करती हैं जो आवास निर्माण की गति, गुणवत्ता और स्थायित्व को बढ़ा सकती हैं, जिससे पूरे भारत में बड़े पैमाने पर इनके कार्यान्वयन में सुविधा होगी।

बैठक के दौरान, सचिव, एमओएचयूए ने मास ट्रांजिट कॉरिडोर के निकट आवास परियोजनाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया और कहा कि जीवन की सुगमता के लिए एएचपी घर शहर के भीतर होने चाहिए। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि कुछ किफायती आवास परियोजनाओं की सफलता को राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच आपसी सीख के लिए सर्वोत्तम प्रथाओं के रूप में प्रदर्शित किया जाना चाहिए।

इस बीच, संयुक्त सचिव और मिशन निदेशक, एचएफए ने लाभार्थी आउटरीच के महत्व पर प्रकाश डाला ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पीएमएवाई-यू 2.0 योजना का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचे। उन्होंने आवास तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, विकलांग व्यक्तियों और अन्य कमजोर समूहों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को परियोजना कार्यान्वयन में तेजी लाने, अनुमोदन प्रक्रियाओं को सरल बनाने और घरों की समय पर सुपुर्दगी सुनिश्चित करने के लिए निगरानी तंत्र को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया।

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पीएमएवाई-यू 2.0 सुरक्षित आवास प्रदान करके, सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करके तथा स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और आजीविका के अवसरों तक बेहतर पहुंच सक्षम बनाकर शहरी गरीबों और मध्यम वर्ग के परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 2.88 लाख घरों की मंजूरी 'सभी के लिए आवास' सुनिश्चित करने के सरकार के प्रयासों में एक और मील का पत्थर है।

स्वीकृत 2.88 लाख घरों में से 1.60 लाख से अधिक घर महिलाओं को आवंटित किए गए हैं, जिनमें विधवाएं, अलग रहने वाली या अविवाहित महिलाएं शामिल हैं। आठ आवास इकाइयां ट्रांसजेंडर के लिए स्वीकृत की गई हैं। इसके अलावा, 22,581 घर वरिष्ठ नागरिकों को आवंटित किए गए हैं। जबकि 35,525 घर एससी के लाभार्थियों के लिए स्वीकृत किए गए हैं, 9,773 एसटी के लिए और 82,190 ओबीसी के लाभार्थियों के लिए हैं।

कुल मिलाकर, पीएमएवाई-यू 2.0 के तहत स्वीकृत 13.61 लाख घरों में से, बीएलसी और आईएसएस घटकों के अंतर्गत 96% घर परिवार की महिला मुखिया के नाम पर या संयुक्त स्वामित्व में हैं, जो महिला सशक्तिकरण पर इस योजना के विशेष ध्यान को दर्शाता है। इसके अतिरिक्त, विभिन्न वंचित समूहों में से 22% घर अनुसूचित जाति के लाभार्थियों के लिए, 5% अनुसूचित जनजाति के लिए और 73% अन्य के लिए स्वीकृत किए गए हैं।

पीएमएवाई-यू 2.0 योजना प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (पीएमएवाई-यू) द्वारा रखी गई मजबूत नींव पर आधारित है, जिसने 2015 से करोड़ों लोगों को सुरक्षित आवास प्रदान करके उनके जीवन को बदल दिया है। इस योजना के तहत स्वीकृत घरों की कुल संख्या 122.50 लाख है। 97 लाख से अधिक पक्के घरों के निर्माण और आवंटन के साथ, इस मिशन ने शहरी गरीबों को सशक्त बनाया है, उनके जीवन की गुणवत्ता में वृद्धि की है और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा दिया है।

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पीके/केसी/एसके/एसएस


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