इलेक्ट्रानिक्स एवं आईटी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान 'एआई इम्पैक्ट केसबुक्स-स्वास्थ्य एवं शिक्षा' का विमोचन किया गया


केसबुक्स स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और कौशल प्रणालियों में संस्थागत स्तर पर एआई को अपनाने पर केंद्रित है

एआई इम्पैक्ट केसबुक्स में नैतिक शासन,पारस्परिकता, जवाबदेही और सहयोगात्मक एआई इकोसिस्टम पर जोर दिया गया है

प्रविष्टि तिथि: 17 FEB 2026 8:27PM by PIB Delhi

इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान 'एआई इम्पैक्ट केसबुक्स- स्वास्थ्य एवं शिक्षा' का विमोचन किया गया। इन केशबुक्स को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय और 'इंडियाएआई मिशन' की अगुवाई में संकलित किया गया है। इस पहल में विश्व स्वास्थ्य संगठन और सेंट्रल स्क्वायर फाउंडेशन जैसे भागीदारों का महत्वपूर्ण सहयोग रहा है।

Description: https://static.pib.gov.in/WriteReadData/userfiles/image/image0013G84.gif

विषयगत केसबुक्स में ऐसे वास्तविक एआई अनुप्रयोगों का दस्तावेजीकरण किया गया है जो पायलट चरण से आगे बढ़कर क्लीनिक, कक्षाओं और स्किलिंग इकोसिस्टम में लागू हो चुके हैं। मापनीय परिणामों और स्केलेबल मॉडल (विशेष रूप से भारत और ग्लोबल साउथ में) को प्रदर्शित करने वाले ये संग्रह संस्थागत रूप से एआई अपनाने के लिए व्यावहारिक ब्लूप्रिंट के रूप में प्रस्तुत किए गए हैं, जो नैतिक शासन, पारस्परिकता, सार्वजनिक-निजी सहयोग और साक्ष्य-आधारित मूल्यांकन पर जोर देते हैं।

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की साइंटिस्ट 'जी' और एआई एवं ईटी डिवीजन की समूह समन्वयक, कविता भाटिया ने कहा, "मैं उन सभी भागीदारों के प्रति दिल से आभार प्रकट करती हूँ जिन्होंने 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' के लिए इन छह संग्रहों को संकलित करने में सहयोग प्रदान किया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में एआई के वास्तविक प्रभाव पर आधारित केसबुक के लिए, मैं स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और आईसीएमआर के मार्गदर्शन के साथ-साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के निरंतर सहयोग को स्वीकार करती हूँ, जिसने तकनीकी भागीदार के रूप में वैश्विक स्तर पर बेंचमार्क और साक्ष्य-आधारित चयन प्रक्रिया का निर्देशन किया।"

सूचना और प्रसारण मंत्रालय की संयुक्त निदेशक, शिखा दहिया ने कहा, "ये केसबुक्स इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट का एक महत्वपूर्ण परिणाम हैं। ये स्वास्थ्य और शिक्षा में एआई के वास्तविक जीवन के उपयोग के मामलों को उजागर करती हैं, जो मापने योग्य प्रभाव पर शिखर सम्मेलन पर केंद्रित दृष्णिकोण को दर्शाती हैं। हमें उम्मीद है कि ये प्रकाशन मजबूत संदर्भ बिंदु के रूप में कार्य करेंगे और इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नीति की भविष्य की दिशा तय करने में मदद करेंगे।"

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की प्रभारी अधिकारी, सुश्री कैथरीना बोहमे ने कहा, "इस संकलन का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर होने वाली चर्चा को आगे बढ़ाकर व्यवहारिक क्रियान्वयन की ओर ले जाना है। एआई दुनिया भर में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं, कार्यबल की चुनौतियों और सेवा वितरण के मुद्दों से निपटने के एक साधन के रूप में उभर रहा है। डब्ल्यूएचओ मजबूत एआई गवर्नेंस फ्रेमवर्क बनाने, दुनिया भर में तकनीकी एवं नैतिक क्षमता बढ़ाने और साक्ष्य-आधारित एआई अपनाने को बढ़ावा देने में देशों और सरकारों का समर्थन करने के लिए पूरी तरह कटिबद्ध है।"

*****

पीके/ केसी/ केजे


(रिलीज़ आईडी: 2229405) आगंतुक पटल : 57
इस विज्ञप्ति को इन भाषाओं में पढ़ें: English , Marathi