मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
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ऊंट संरक्षण

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 8:29PM by PIB Delhi

भारत सरकार का पशुपालन और डेयरी विभाग, केंद्रीय प्रायोजित राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना क्रियान्वित कर रहा है, जिसके तहत राजस्थान राज्य सहित ऊंट पालन करने वाले राज्यों में ऊंटों के संरक्षण और विकास के लिए सहायता प्रदान की जाती है। ऊंट संरक्षण के लिए इस योजना के अंतर्गत निम्नलिखित कार्यकलाप हैं:

  1. राष्ट्रीय पशुधन मिशन-उद्यमिता विकास कार्यक्रम (NLM-EDP) कार्यकलाप के अंतर्गत, ऊंटों के लिए नस्ल वृद्धि फार्म की स्थापना हेतु व्यक्ति/स्वयं सहायता समूह/किसान उत्पादक संगठन/किसान सहकारी संगठन/संयुक्त देयता समूह और धारा 8 कंपनियों को 50 लाख रु. तक की एकमुश्त 50% पूंजीगत सब्सिडी प्रदान की जाती है।
  2. ऊंटों के आनुवंशिक सुधार संबंधी कार्यकलाप के अंतर्गत, प्रजनन अवसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए केंद्रीय सहायता प्रदान की जाती है, जिसमें राज्य सरकारों द्वारा न्युक्लियस प्रजनन फार्म स्थापित करने के लिए दस करोड़ रुपये तक का एकमुश्त अनुदान, प्रजनक समितियों की स्थापना के लिए एक करोड़ रुपये तक का अनुदान और ऊंटों के लिए क्षेत्रीय सीमन उत्पादन प्रयोगशाला और सीमन बैंक की स्थापना के लिए दस करोड़ रुपये तक का अनुदान शामिल है।
  3. राजस्थान सरकार ने वर्ष 2014 में ऊंट को राज्य पशु घोषित किया है। राज्य में "राजस्थान ऊंट (वध का प्रतिषेध और अस्थायी प्रव्रजन या निर्यात का विनियमन) अधिनियम, 2015" लागू है। केंद्र सरकार के उपरोक्त प्रयासों के अतिरिक्त, राजस्थान सरकार भी ऊंट संरक्षण में सहयोग प्रदान कर रही है। राजस्थान सरकार ने वर्ष 2022-23 में ऊंट संरक्षण एवं विकास नीति शुरू की, जिसके तहत ऊंट प्रजनकों (breeders) को ऊंटनी के प्रति बच्चे पर 10,000 रु. का प्रोत्साहन प्रदान किया गया है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 में ऊंट संरक्षण एवं विकास मिशन लागू किया है, जिसके तहत ऊंट के प्रति नवजात बच्चे पर प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 20,000 रु. कर दी गई है। राज्य सरकार ऊंटों की बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच शिविर भी आयोजित कर रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025-26 में प्रत्येक जन आधार कार्डधारक के लिए 10 ऊंटों तक के मुफ्त बीमा कवरेज की घोषणा की। साथ ही, राज्य सरकार ने ऊंटनी के दूध को बढ़ावा देने के लिए भी पहलें की हैं। इस संबंध में, राजस्थान सहकारी डेयरी फेडरेशन ने ऊंटनी के दूध की खरीद के लिए तीन समर्पित प्राथमिक डेयरी सहकारी समितियां स्थापित की हैं और ऊंटनी के दूध के पाउडर और बिस्कुट लॉन्च किए हैं।

राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना सभी राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों में लागू है। इसके अंतर्गत भेड़, बकरी, सुअर, घोड़ा, गधा और पोल्ट्री जैसी अन्य देशी पशुधन नस्लों के संरक्षण और विकास के लिए भी सहायता प्रदान की जाती है। इसके अतिरिक्त, यह योजना उद्यमिता विकास के लिए व्यक्तियों/स्वयं सहायता समूहों/किसान उत्पादक संगठनों/किसान सहकारी संगठनों/संयुक्त देयता समूहों और धारा 8 कंपनियों द्वारा भेड़, बकरी, सूअर, घोड़ा, गधा और पोल्ट्री फार्म स्थापित करने हेतु 50 लाख रु. तक की 50% सब्सिडी भी प्रदान करती है। भेड़, बकरी, सूअर, घोड़ा और गधे की नस्ल सुधार संबंधी अवसंरचना के लिए राज्यों को भी सहायता प्रदान की जाती है।

इसके अलावा, पशुपालन और डेयरी विभाग, भारत सरकार देशी बोवाइन नस्लों के विकास और संरक्षण, बोवाइन आबादी के आनुवंशिक उन्नयन और दूध उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन (RGM) क्रियान्वित कर रही है।

यह जानकारी आज लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री,भारत सरकार श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने पूछे गए प्रश्न के उत्तर में दी

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JP


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