सहकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

डेयरी समितियों, पैक्स और सहकारी समितियों के लिए योजनाएँ

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:50PM by PIB Delhi

(क)      राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (एनसीडी) के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुल 5,792 सहकारी समितियां हैं, जिनमें से 2,307 प्राथमिक कृषि क्रेडिट समितियां (पैक्स) हैं, 1,194 डेयरी सहकारी समितियां हैं, 437 क्रेडिट एण्ड थ्रिफ्ट सहकारी समितियां हैं और 78 मात्स्यिकी सहकारी समितियां हैं। ऐसी सहकारी समितियों की जिलावार संख्या संलग्नक -1 के रूप में संलग्न है।

सहकारिता मंत्रालय ने दिनांक 6 जुलाई, 2021 को अपनी स्थापना के बाद से हिमाचल प्रदेश राज्य सहित पूरे देश में "सहकार-से-समृद्धि" की परिकल्पना को साकार करने के लिए कई पहल की हैं । इन पहलों में आदर्श उप-विधियों को अपनाना शामिल है जो पैक्स को 25 से अधिक व्यावसायिक कार्यकलापों को करने में सक्षम बनाता है, जिसके परिणामस्वरूप पैक्स पीएम-किसान समृद्धि केंद्र (PMKSKs), प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र (PMBJKs), कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) , दुनिया की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना (2 पैक्स चिन्हित), पैक्स कम्प्यूटरीकरण में भागीदारी आदि के रूप में कार्य कर सकते हैं ।

(ख)      श्वेत क्रांति 2.0 के तहत, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए राष्ट्रीय लक्ष्य 21,902 नई डेयरी सहकारी समितियों (डीसीएस) की स्थापना करना है। दिनांक 13.01.2026 तक, 12,726 संगठित डीसीएस में से 10,030 आवेदन पंजीकरण के लिए प्रस्तुत किए गए थे और 7,826 डीसीएस सफलतापूर्वक पंजीकृत किए गए हैं।  हिमाचल प्रदेश राज्य को 70 नए डीसीएस स्थापित करने का लक्ष्य सौंपा गया था। 13.01.2026 तक, राज्य ने 263 डीसीएस का आयोजन करके इस वार्षिक लक्ष्य से अधिक प्राप्त कर लिया है, जिनमें से सभी को सफलतापूर्वक पंजीकृत किया गया है।

वर्ष  2025-26 में मौजूदा डीसीएस को सशक्त करने का राष्ट्रीय लक्ष्य 14,646 है। दिनांक 13.01.2026 तक, देश भर में 13,454 स्वीकृत डीसीएस में से 7,721 DCS को सशक्त किया गया है। मिशन ने दूध के प्रापण में 14.16 लाख किलोग्राम प्रति दिन की वृद्धि की है और 2.37 लाख नए सदस्य जोड़े हैं । हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीडीडी) जो इन पहलों को वित्त पोषित करता है के घटक के तहत 50% से अधिक धन उपयोग (16.01.2026 तक) वाले सात राज्यों में से एक है इसके अतिरिक्त, 2025-26 में राज्य के लिए दो नए दुग्ध संयंत्र (2x20 टीएलपीडी क्षमता) को मंजूरी दी गई थी। नवंबर 2025 के मध्य तक, राज्य ने 2023 की शुरुआत में शुरू की गई व्यापक पंचवर्षीय योजना के तहत 168 मौजूदा डेयरी सहकारी समितियों को सशक्त किया है।

(ग)       2,925.39 करोड़ रुपये के कुल वित्तीय परिव्यय के साथ पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना का उद्देश्य सभी कार्यशील पैक्स को एक कॉमन ईआरपी-आधारित राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर पर लाना है। अब तक, 31 राज्यों/संघराज्य क्षेत्रों में 79,630 पैक्स को मंजूरी दी गई है, 61,478 को ईआरपी पर ऑनबोर्ड किया गया है, और 58,406 ने "डे-एंड" का दर्जा हासिल किया है।  हिमाचल प्रदेश में 1,885 पैक्स स्वीकृत किए गए हैं; ₹28.25 करोड़ जारी किए गए हैं, 1,376 PACS को ईआरपी पर ऑनबोर्ड किया गया है, और 1,234 "गो-लाइव" हैं। पैक्स कंप्यूटरीकरण परियोजना की राज्य-वार स्थिति संलग्नक -2 के रूप में संलग्न है।

(घ)       भारत सरकार ने अगले पांच वर्षों में देश की सभी पंचायतों और गांवों को कवर करने के उद्देश्य से नई बहुउद्देशीय पीएसीएस/डेयरी/मात्स्यिकी सहकारी समितियां स्थापित करने की योजना को मंजूरी दी है ।  इस पहल को नाबार्ड, राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (NDDB), राष्ट्रीय मत्स्य विकास बोर्ड (NFDB) और राज्य/संघ राज्य क्षेत्रों सरकारों का समर्थन प्राप्त है । राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस के अनुसार, देश भर में पंजीकृत कुल 32,802 नई पैक्स, डेयरी और मात्स्यिकी सहकारी समितियों में से हिमाचल प्रदेश राज्य में 911 नई समितियां (118 एम-पैक्स, 786 डेयरी और 7 मात्स्यिकी समितियों सहित) पंजीकृत की गई हैं; दिनांक 15.02.2023 को योजना के अनुमोदन के बाद से दिनांक 20.01.2026 तक देश भर में 15,793 डेयरी और मत्स्य सहकारी समितियों को सशक्त किया गया है।

(ड़)       वित्त वर्ष 2022-23 से, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) द्वारा हिमाचल प्रदेश को कुल 24.38 करोड़ रुपये संवितरित किए गए हैं, जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 (25.01.2026 तक) के दौरान ₹3.05 करोड़ सहित ऋण के रूप में ₹12.54 करोड़ ऋण और ₹11.84 करोड़ सब्सिडी के रूप में शामिल हैं। संचयी रूप से, राज्य को केंद्रीय क्षेत्रक एकीकृत कृषि सहकार योजना (सीएसआईएसएसी) के तहत 151.20 करोड़ रुपये प्राप्त हुए हैं। हालांकि, पिछले तीन वर्षों में दिनांक 25.01.2026 तक हिमाचल प्रदेश में डेयरी सहकार, युवा सहकार या नंदिनी सहकार योजनाओं के तहत कोई विशिष्ट संवितरण दर्ज नहीं किया गया है।

(च)  10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) के गठन और संवर्धन के लिए केंद्रीय क्षेत्रक की योजना के तहत, एनसीडीसी को शुरू में 746 आबंटित किए गए थे और बाद में पैक्स के माध्यम से अतिरिक्त 1,117 आबंटित किए गए थे। जनवरी 2026 तक, एनसीडीसी ने देश भर में 1,863 एफपीओ को शामिल किया है और जिसमें वित्त वर्ष 2025-26 (25.01.2026 तक) के दौरान ₹87.20 करोड़ सहित कुल 256 करोड़ रुपये संवितरित किए हैं। एनसीडीसी ने हिमाचल प्रदेश में 30 एफपीओ के गठन का अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है।

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संलग्नक -I

हिमाचल प्रदेश में पैक्‍स, डेयरी, क्रेडिट और थ्रिफ्ट और मात्स्यिकी सहकारी समितियों की जिलेवार संख्या

क्रम संख्या

जिला

पैक्‍स

डेयरी सहकारी समितियां

क्रेडिट और थ्रिफ्ट सहकारी समितियां

मात्स्यिकी सहकारी समितियां

1

 बिलासपुर

88

23

22

41

2

 चंबा

163

12

13

5

3

 हमीरपुर

228

66

19

0

4

 कांगड़ा

615

206

58

16

5

 किन्नौर

35

1

4

0

6

 कुल्लू

141

252

14

1

7

 लाहौल और स्पीति

52

3

3

0

8

 मंडी

247

418

26

5

9

 शिमला

199

112

101

2

10

 सिरमौर

129

61

45

0

11

 सोलन

178

17

106

3

12

 ऊना

232

23

26

5

 

कुल

2,307

1,194

437

78

स्त्रोत: NCD पोर्टल दिनांक 20.01.2026 तक की स्थिति।

 

संलग्नक -2

पैक्‍स परियोजना के कंप्यूटरीकरण की राज्यवार स्थिति

क्रम सं.

राज्य/संघ राज्यक्षेत्र

 कुल अनुमोदित पैक्‍स

ईआरपी पर ऑनबोर्ड किए गए

ईआरपी गो लाइव

पूरे किए गए डे एंड

संपरीक्षा पूरा हुआ

जारी की गई कुल राशि करोड़ रुपए में है

1

महाराष्ट्र

12178

12028

12011

12000

11949

130.73

2

बिहार

4495

4478

4475

4471

4364

51.76

3

गुजरात

6216

5705

5575

5458

4724

93.97

4

आंध्र प्रदेश

2037

2021

2021

2017

2016

37.41

5

छत्तीसगढ़

2028

2028

2028

2028

1975

28.35

6

राजस्थान

8525

6157

6153

5860

3828

84.83

7

झारखंड

2797

1479

1491

1461

1378

34.30

8

पंजाब

3482

3172

2760

2385

786

32.94

9

मध्य प्रदेश

5455

4532

4524

4530

4492

66.43

10

जम्मू और कश्मीर

708

537

537

537

537

10.37

11

हिमाचल प्रदेश

1885

1376

1234

1210

608

28.25

12

हरियाणा

710

624

580

568

454

8.79

13

उत्तर प्रदेश

6257

3061

3052

2922

2110

67.10

14

कर्नाटक

5894

4337

3690

3606

3252

67.83

15

असम

850

577

576

569

566

17.02

16

त्रिपुरा

475

267

247

262

197

8.21

17

सिक्किम

131

107

107

107

105

3.28

18

गोवा

86

51

46

41

37

1.19

19

पुडुचेरी

45

45

45

45

30

0.67

20

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह

46

46

46

46

46

0.69

21

मिजोरम

99

25

25

25

24

1.27

22

लद्दाख

10

10

10

10

10

0.12

23

नागालैंड

231

102

67

53

17

4.43

24

दमन एवं दीव तथा दादरा और नगर हवेली

9

4

4

4

4

0.12

25

अरुणाचल प्रदेश

139

13

13

13

13

1.22

26

उत्तराखंड

1216

669

668

589

469

5.69

27

मणिपुर

308

199

195

196

128

3.14

28

मेघालय

330

11

9

10

4

2.34

29

तमिलनाडु

4561

4509

4508

4509

529

51.73

30

पश्चिम बंगाल

4187

3308

3145

2874

208

45.79

31

ओडिशा

4240

0

0

0

0

18.07

 

कुल

79630

61478

59842

58406

44860

908.06

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यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित

उत्तर में दी।

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AK/AP


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