सहकारिता मंत्रालय
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सहकारी चीनी मिलें

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:47PM by PIB Delhi

(क)      मंत्रालय ने सहकारी चीनी मिलों के प्रचालन और वित्तीय संकट को कम करने के लिए "सहकारी चीनी मिलों के सुदृढ़ीकरण को सशक्त करने के लिए एनसीडीसी को केंद्रीय क्षेत्रक योजना-सहायता अनुदान" नामक एक योजना का अनावरण किया। मंत्रालय ने योजना का तीसरे पक्ष द्वारा मूल्यांकन करते समय पाया कि 312 सहकारी चीनी मिलों में से 102 कार्यशील नहीं हैं। मंत्रालय संबंधित राज्यों के परामर्श से अर्थक्षम अकार्यशील मिलों के पुनरुद्धार के लिए कार्य कर रहा है।

(ख)      " सहकारी चीनी मिलों के सुदृढ़ीकरण के लिए एनसीडीसी को सहायता अनुदान" की केंद्रीय क्षेत्रक योजना के तहत केंद्र सरकार द्वारा एनसीडीसी को 1000 करोड़ रुपये का अनुदान प्रदान किया गया था ताकि वह सहायता अनुदान का लाभ उठाकर सहकारी चीनी मिलों को 10,000 करोड़ रुपये का ऋण प्रदान कर सके। एनसीडीसी ने बदले में इस योजना के तहत सहकारी चीनी मिलों को 10,005 करोड़ रुपये वितरित किए हैं।

  • एथेनॉल संयंत्रों के लिए संवितरित राशि 251.40 करोड़ रुपये है।
  • कोजेन पावर के लिए संवितरित राशि 97.12 करोड़ रुपये है और
  • कार्यशील पूंजी के लिए संवितरित राशि ₹9656.90 करोड़ है

इस योजना के तहत कुल 56 सहकारी चीनी मिलें लाभान्वित हुई हैं।

(ग)       मंत्रालय ने योजना के प्रभाव के लिए एक तृतीय पक्ष मूल्यांकन करवाया। यह पाया गया कि एनसीडीसी सहायता ने समकक्षों की तुलना में अपेक्षाकृत कम ब्याज दर प्रदान की और पारदर्शिता, दस्तावेज़ीकरण और सुगम पहुंच के मामले में अन्य बैंकों और वित्तीय संस्थानों के लिए एक बेंचमार्क स्थापित किया, जिससे सहकारी चीनी मिलों को वित्त तक सुगम पहुंच संभव हुई । परिणामस्वरूप, बकाया गन्ने के बिलों में काफी कमी आई है, जो सुचारू व्यवसाय संचालन और किसानों और श्रमिकों को समय पर भुगतान का संकेत देती है।

(घ)       इस योजना में कोई ब्याज अनुदान घटक नहीं था। योजना के लिए नोडल कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में एनसीडीसी के पास अपने प्रबंधन बोर्ड की निगरानी में वसूली के लिए मजबूत दिशानिर्देश हैं।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी                                                            

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AK/AP


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