सहकारिता मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

सहारा रिफंड पोर्टल

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 6:45PM by PIB Delhi

सहकारिता मंत्रालय द्वारा रिट याचिका (सि) सं.191/2022 (पिनाक पाणी मोहंती बनाम् भारत संघ और अन्‍य) में दायर अंतर्वर्ती आवेदन में माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने दिनांक 29.03.2023 को अन्‍य बातों के साथ-साथ यह आदेश दिया कि:

“(i) Out of the total amount of Rs. 24,979.67 Crores lying in the “Sahara-SEBI Refund Account”, Rs. 5000 Crores be transferred to the Central Registrar of Cooperative Societies, who, in turn, shall disburse the same against the legitimate dues of the depositors of the Sahara Group of Cooperative Societies, which shall be paid to the genuine depositors in the most transparent manner and on proper identification and on submitting proof of their deposits and proof of their claims and to be deposited in their respective bank accounts directly.

(ii) The disbursement shall be supervised and monitored by Justice R. Subhash Reddy, Former Judge of this Court with the able assistance of Shri Gaurav Agarwal, learned Advocate, who is appointed as Amicus Curiae to assist Justice R. Subhash Reddy as well as the Central Registrar of Cooperative Societies in disbursing the amount to the genuine depositors of the Sahara Group of Cooperative Societies. The manner and modalities for making the payment is to be worked out by the Central Registrar of Cooperative Societies in consultation with Justice R. Subhash Reddy, Former Judge of this Court and Shri Gaurav Agarwal, learned Advocate.”

माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के दिनांक 29.03.2023 के आदेश के अनुपालन में सहारा समूह की चार बहुराज्‍य सहकारी समितियों, अर्थात् सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि., लखनऊ; सहारायन यूनिवर्सल मल्‍टीपर्पज़ सोसाइटी लि., भोपाल; हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लि., कोलकाता और स्‍टार्स मल्‍टीपर्पज़ कोऑपरेटिव सोसाइटी लि., हैदराबाद के प्रामाणिक जमाकर्ताओं को उनकी वैध धनराशि के रिफंड दावे प्रस्तुत करने हेतु दिनांक 18.07.2023 को “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” https://mocrefund.crcs.gov.in का शुभारंभ किया गया है । संवितरण की यह संपूर्ण प्रक्रिया डिजिटल और कागज़रहित है जिसे न्‍यायमूर्ति आर. सुभाष रेड्डी, माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय के पूर्व न्‍यायाधीश के पर्यवेक्षण और निगरानी में श्री गौरव अग्रवाल, न्‍यायमित्र की सहायता से संचालित किया जा रहा है ।

इस पोर्टल पर प्राप्‍त आवेदनों को उचित पहचान और जमाराशि के साक्ष्‍य प्रस्‍तुत करने के उपरांत पारदर्शी रीति से प्रोसेस किया जा रहा है । यह भुगतान प्रामाणिक जमाकर्ताओं के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधा जमा किया जा रहा है ।  वर्तमान में सहारा समूह के प्रत्‍येक प्रामाणिक जमाकर्ताओं को उनके सत्‍यापित दावों के लिए उनके आधार से जुड़े बैंक खातों के माध्‍यम से 50,000/- रुपए तक के भुगतान का संवितरण किया जा रहा है ।

इसके अलावा, पोर्टल पर किसी जमाकर्ता के प्राप्‍त आवेदन में किसी कमी की दशा में उन्‍हें इन कमियों से अवगत कराया जा रहा है और उन्‍हें दिनांक 15.11.2023 को लॉन्‍च हो चुकी री-सबमिशन पोर्टल के माध्‍यम से अपना आवेदन पुन: प्रस्‍तुत करने की सूचना दी जा रही है ।

            माननीय उच्‍चतम न्‍यायालय ने ‘सहारा-सेबी रिफंड खाते’ से 5,000  करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त धनराशि को सहकारी समितियों के केंद्रीय पंजीयक को अंतरित करने का आदेश दिया है और जमाकर्ताओं को रिफंड संवितरित करने की समय-सीमा को दिनांक 31.12.2026 तक बढ़ा दिया है । दिनांक 20.01.2026 की स्थिति के अनुसार सहारा समूह की सहकारी समितियों के 39,46,550 जमाकर्ताओं को 8,429.42 करोड़ रुपये की राशि का संवितरण किया गया है । जमाराशियों के रिफंड का राज्‍य-वार ब्‍योरा संलग्‍नक पर संलग्‍न है जिसमें राजस्थान राज्‍य का भी ब्‍योरा शामिल है । मानक प्रचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार “सीआरसीएस-सहारा रिफंड पोर्टल” पर जमाकर्ताओं का जिला-वार, लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र-वार ब्‍योरा नहीं रखा जाता है ।

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संलग्‍नक

सीआरसीएस सहारा रिफंड पोर्टल के माध्‍यम से प्राप्‍त आवेदनों और किए गए रिफंड का राज्‍य-वार ब्‍योरा (दिनांक 20.01.2026 की स्थिति के अनुसार)

क्रम सं.

राज्‍य/ संघ राज्‍यक्षेत्र

प्राप्‍त आवेदन

कुल दावा धनराशि

(करोड़ रुपये)

प्रोसेस किए गए आवेदन

संवितरित धनराशि

(करोड़ रुपये)

 

1

आंध्र प्रदेश

384038

2582

81491

197.75

 

2

अरुणाचल प्रदेश

259

3.03

49

0.12

 

3

असम

487025

2762

103367

200.30

 

4

बिहार

2800657

18062

968713

1892.89

 

5

छत्तीसगढ़

432384

2991

71969

176.63

 

6

गोवा

10248

117.08

3883

8.70

 

7

गुजरात

563436

3881

55774

136.63

 

8

हरियाणा

200641

1734

65466

177.23

 

9

हिमाचल प्रदेश

25137

237.98

11592

28.90

 

10

झारखंड

1395418

9832

373588

847.67

 

11

कर्नाटक

37189

359.39

11862

25.66

 

12

केरल

70

1.05

15

0.05

 

13

मध्‍य प्रदेश

906661

6689

155049

355.04

 

14

महाराष्‍ट्र

128061

1214.23

34467

82.49

 

15

मणिपुर

870

7.41

410

0.84

 

16

मेघालय

90

0.47

15

0.03

 

17

मिजोरम

58

3.35

14

0.03

 

18

नागालैंड

346

3.45

87

0.19

 

19

ओडिशा

1144561

7204

340204

707.56

 

20

पंजाब

41016

369.74

16551

42.92

 

21

राजस्‍थान

1213140

9336.48

246118

604.44

 

22

सिक्किम

1125

34.60

199

0.54

 

23

तमिलनाडु

1707

20.85

342

0.95

 

24

तेलंगाना

79709

742.91

33493

94.64

 

25

त्रिपुरा

29999

205.28

14428

27.86

 

26

उत्तर प्रदेश

3566550

23081

1079800

2228.27

 

27

उत्तराखंड

61060

455.56

29459

74.30

 

28

पश्चिम बंगाल

739677

4246

203185

397.04

 

1

अंडमान और निकोबार

218

1.79

43

0.09

 

2

चंडीगढ़ (संघ राज्‍यक्षेत्र)

5048

63.64

1912

5.18

 

3

दादरा और नगर हवेल तथा दमन  और दीव (संघ राज्‍यक्षेत्र)

1333

21.53

73

0.17

 

4

दिल्‍ली

117399

1146.56

42896

114.25

 

5

जम्‍मू और कश्‍मीर

80

0.92

19

0.04

 

6

पुडुचेरी (संघ राज्‍यक्षेत्र)

101

0.88

17

0.02

 

7

लक्षद्वीप (संघ राज्‍यक्षेत्र)

2

0.01

0

0.00

 

8

लद्दाख (संघ राज्‍यक्षेत्र)

0

0.00

0

0

 

महायोग

1,43,75,313

97,412.19

39,46,550

8,429.42

 

 

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

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AK/AP


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