मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय
azadi ka amrit mahotsav

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना

प्रविष्टि तिथि: 03 FEB 2026 2:22PM by PIB Delhi

मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अधीन मत्स्यपालन विभाग ने देश में मात्स्यिकी और जलकृषि के सर्वांगीण विकास और मछुआरा समुदाय के सशक्तिकरण के लिए कुल 39,272 करोड़ रुपए के निवेश पर विभिन्न योजनाएं शुरू की हैं। कार्यान्वित केन्द्रीय योजनाओं/कार्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित  है:-        

    1. केंद्र प्रायोजित योजना ब्लू रेवोल्यूशन: यह योजाना मात्स्यिकी के  एकीकृत विकास और प्रबंधन हेतु, वित्त वर्ष 2015-16 से वित्त वर्ष 2019-20 तक 5 वर्षों की अवधि के लिए 3000 करोड़ रुपए के केंद्रीय परिव्यय के साथ कार्यान्वित किया गया और इस योजना के माध्यम से मात्स्यिकी क्षेत्र में लगभग 5000 करोड़ रुपए का निवेश किया  गया।
    2. मात्स्यिकी क्षेत्र के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता को पूरा करने के लिए, फिशरीज़ एंड एक्वाकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड (FIDF) को वर्ष 2018-19 में 7522.48 करोड़ रुपए के कुल फंड के साथ शुरू किया गया था। FIDF चिन्हित मात्स्यिकी इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों सहित योग्य संस्थाओं/एलिजिबल एंटिटीज़ (EEs)  को रियायती वित्त प्रदान करता है। मत्स्यपालन विभाग भारत सरकार, नोडल लोनिंग एंटिटीज़ (NLEs) द्वारा कम से कम 5% प्रति वर्ष की ब्याज दर पर रियायती वित्त प्रदान करने के लिए 12 साल की पुनर्भुगतान अवधि के साथ 2 साल के अधिस्थगन (मोरटोरियम) सहित 3% प्रति वर्ष तक की ब्याज छूट प्रदान करता है

 

    1. प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) को वित्त वर्ष 2020-21 से 20,750 करोड़ रुपए के अनुमानित निवेश के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है। इस योजना को मत्स्य उत्पादन और उत्पादकता, गुणवत्ता, प्रौद्योगिकी, पोस्ट हार्वेस्टिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर और प्रबंधन, फिशरीस वैल्यू चेन के आधुनिकीकरण और सुदृढ़ीकरण, एक सुदृढ़ मात्स्यिकी प्रबंधन फ्रेमवर्क की स्थापना और मछुआरों के कल्याण में उल्लेखनीय कमिय़ों (गैप्स) को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह योजना मछुआरों और मत्स्य किसानों को  बीमा भी प्रदान करती है और मछुआरों और मत्स्य किसानों के बीच कौशल विकास और क्षमता निर्माण के लिए प्रशिक्षण प्रदान करती है।
    2. मात्स्यिकी क्षेत्र को सुदृढ़  बनाने और फिशरीस वैल्यू चेन में दक्षताओं को अपनाने के लिए प्रोत्साहित प्रदान करने  हेतु, मत्स्यपालन विभाग भारत सरकार 6000 करोड़ रुपए के निवेश के साथ प्रधान मंत्री मत्स्य सम्पदा योजना (PMMSY) के तहत एक केंद्रीय क्षेत्र उप-योजना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह योजना (PMMKSSY) को कार्यान्वित कर रहा है। PMMKSSY का उद्देश्य मात्स्यिकी क्षेत्र को संगठित बनाना (फोरमेलाईज़ेशन), जलकृषि बीमा को प्रोत्साहित करना, मात्स्यिकी सूक्ष्म और लघु उद्यम की मूल्य श्रृंखला दक्षता बढ़ाना, सुरक्षित मत्स्य उत्पादन के लिए सुरक्षा और गुणवत्ता प्रणाली को अपनाना आदि है।
    3. इसके अतिरिक्त, भारत सरकार ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) की सुविधा का विस्तार मछुआरों और मत्स्य किसानों तक किया है ताकि उनकी कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें सहायता प्रदान की जा सके

(ख):     PMMSY के अंतर्गत, अन्य बातों के साथ-साथ देश में इंटीग्रेटेड एक्वापार्क, मॉडर्न फिशिंग हार्बर, फिश लैंडिंग सेंटर, आइस प्लांट और कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाती  है। PMMSY के तहत स्वीकृत किए गए इंटीग्रेटेड एक्वापार्क, फिशिंग हार्बर, फिश लैंडिंग सेंटर, आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज की राज्य-वार विवरण अनुबंध-I में दिया गया है।

(ग):      मत्स्यपालन विभाग, मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने अब तक PMMSY के तहत 226.86 करोड़ रुपए के केंद्रीय शेयर के साथ 546.58 करोड़ रुपए की कुल लागत पर पश्चिम बंगाल सरकार के पोस्ट हार्वेस्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर के प्रस्तावों सहित मात्स्यिकी और जलकृषि विकास प्रस्तावों को स्वीकृति  दी है। PMMSY के तहत स्वीकृत किए गए मुख्य परियोजनाओं में फिश हैचरी की स्थापना, बायोफ्लॉक तालाब, ओर्नामेंटल फिश रियरिंग यूनिट का निर्माण, री-सर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम की स्थापना, फिश फीड मिल, आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज का निर्माण, रेफ्रिजेरेटेड/इंसुलेटेड वाहनों  की व्यवस्था, होलसेल फिश मार्केट की स्थापना, राज्य में विद्यमान फिशिंग हारबर्स का आधुनिकीकरण/उन्नयन शामिल हैं।

*****

 

 

 

 

अनुबंध- I

 PMMSY के तहत स्वीकृत इंटीग्रेटेड एक्वापार्क, फिशिंग हार्बर, फिश लैंडिंग सेंटर, आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं का राज्य-वार विवरण

क्र.सं.

राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का नाम

इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क

आइस प्लांट/कोल्ड स्टोरेज

फिशिंग हार्बर

फिश लैंडिंग सेंटर

  1.  

अंडमान और निकोबार

-

29

1

-

  1.  

आंध्र प्रदेश

1

16

4

6

  1.  

अरुणाचल प्रदेश

1

2

-

-

  1.  

असम

1

9

-

1

  1.  

बिहार

-

56

-

 

  1.  

छत्तीसगढ

1

9

-

-

  1.  

दमन और दीव

-

1

1

-

  1.  

गोवा

-

4

-

-

  1.  

गुजरात

-

25

1

-

  1.  

हरियाणा

1

23

-

-

  1.  

हिमाचल प्रदेश

-

22

-

-

  1.  

झारखंड

-

32

-

-

  1.  

कर्नाटक

-

127

3

-

  1.  

केरल

-

16

6

-

  1.  

लद्दाख

-

4

-

-

  1.  

लक्षद्वीप

-

28

-

-

  1.  

मध्य प्रदेश

1

60

-

-

  1.  

महाराष्ट्र

-

83

1

9

  1.  

मणिपुर

-

8

-

-

  1.  

मेघालय

-

12

-

-

  1.  

मिजोरम

-

12

-

-

  1.  

नगालैंड

1

-

-

-

  1.  

ओडिशा

1

40

2

 

  1.  

पुदुच्चेरी

-

8

2

2

  1.  

पंजाब

-

2

-

-

  1.  

राजस्थान

-

3

-

-

  1.  

सिक्किम

-

1

-

-

  1.  

तमिलनाडु

1

40

2

4

  1.  

त्रिपुरा

1

2

-

-

  1.  

उत्तर प्रदेश

-

1

-

-

  1.  

उत्तराखंड

1

2

-

-

  1.  

पश्चिम बंगाल

-

50

4

-

 

यह जानकारी आज लोकसभा में मत्स्यपालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री ,भारत सरकार श्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने प्रश्न के उत्तर में दी।

*****

JP


(रिलीज़ आईडी: 2222505) आगंतुक पटल : 47