वित्त मंत्रालय
केन्द्रीय बजट 2026-27 में सात रणनीतिक और अग्रिम क्षेत्रों में विनिर्माण बढ़ाने पर जोर दिया गया है
भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए बजट में अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये परिव्यय के साथ बायोफार्मा शक्ति का प्रस्ताव
उपकरण और सामग्री उत्पादन, भारतीय आईपी का पूरी तरह डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भारत सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा
इलेक्ट्रॉनिकी कल-पुर्जा निर्माण योजना का परिव्यय बढाकर 40 हजार करोड़ रुपये कर दिया गया
खनिज समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु की मदद के लिए समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना की जाएगी ताकि खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा मिले
राज्यों को चैलेंज रूट के जरिए कलस्टर आधारित प्लग एंड प्ले मॉडल पर तीन समर्पित रसायन पार्कों की स्थापना में मदद के लिए एक योजना का प्रस्ताव
अगले पांच वर्षों की अवधि में 10 हजार करोड़ रुपये के बजटीय आवंटन के साथ वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कंटेनर विनिर्माण परिवेश के निर्माण के लिए योजना
वस्त्र उद्योग को विकसित करने के लिए पांच घटकों के साथ एक एकीकृत कार्यक्रम की घोषणा
चुनौती मोड में वृहद वस्त्र पार्कों की स्थापना की जाएगी
खादी, हथकरघा और हस्तशिल्प को मजबूत करने और वैश्विक बाजार से जुड़ने तथा ब्राडिंग के लिए ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ पहल की शुरूआत
खेल सामग्री के विनिर्माण, अनुसंधान और उपकरण डिजाइन के साथ ही सामग्री विज्ञान में नवाचार को बढा़वा देने के लिए एक समर्पित पहल
प्रविष्टि तिथि:
01 FEB 2026 1:06PM by PIB Delhi
केन्द्रीय बजट 2026-27 में सात रणनीतिक और अग्रिम क्षेत्रों में विनिर्माण को तेज करने पर जोर दिया गया है। केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि प्रस्तावित कार्यक्रम बजट में ‘पहला कर्तव्य’ के तहत छह क्षेत्रों का हिस्सा होगा।
भारत को वैश्विक बायोफार्मा विनिर्माण केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए केन्द्रीय बजट में अगले पांच वर्षों के लिए 10 हजार करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ ‘बायोफार्मा शक्ति’ का प्रस्ताव किया गया है। इस प्रस्ताव से बायोलॉजिक्स और बायोसिमिलर्स के घरेलू उत्पादन के लिए उचित प्रणाली का निर्माण होगा। इसके लिए बजट में अभिकल्पित कार्यनीति में तीन नए राष्ट्रीय फार्मास्यूटिकल शिक्षा और अनुसंधान संस्थानों के साथ बायोफार्मा केन्द्रित नेटवर्क और सात मौजूदा संस्थानों का अपग्रेडेशन शामिल है। इसमें एक हजार से अधिक प्रत्यायित भारत क्लीनिकल ट्रायल्स केन्द्रों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। केन्द्रीय बजट में वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए केन्द्रीय ड्रग्स मानक नियंत्रण संगठन को मजबूत करने और एक समर्पित वैज्ञानिक समीक्षा कैडर तथा विशेषज्ञों के जरिए समय से अनुमोदन के लिए प्रस्ताव किया गया है।
देश के सेमीकंडक्टर क्षेत्र की क्षमता में विस्तार करने और भारत सेमीकंडक्टर मिशन (1.0) को आधार मानकर केन्द्रीय बजट में उपकरण एवं सामग्री निर्माण, भारतीय आईपी का पूरी तरह से डिजाइन करने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए भारत सेमीकंडक्टर मिशन (2.0) शुरू करने का प्रस्ताव किया गया है। श्रीमती सीतारमण ने कहा कि प्रौद्योगिकी और कुशल कार्यबल विकसित करने के लिए सरकार का ध्यान उद्योग आधारित अनुसंधान और प्रशिक्षण केन्द्रों पर रहेगा।
अप्रैल 2025 में शुरू की गई इलेक्ट्रॉनिकी घटक विनिर्माण योजना का परिव्यय 22 हजार 919 करोड़ रुपये था। बजट 2026-27 में इस राशि को बढ़ाकर 40 हजार करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव है।
केन्द्रीय बजट में खनिज समृद्ध राज्यों ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में समर्पित रेयर अर्थ कॉरिडोर की स्थापना में मदद करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य खनन, प्रसंस्करण, अनुसंधान और विनिर्माण को बढ़ावा देना है।
घरेलू रसायन उत्पादन को बढ़ावा देने और आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए केन्द्रीय वित्त मंत्री ने चैलेंज रूट के जरिए कलस्टर आधारित प्लग एंड प्ले मॉडल पर तीन रसायन पार्कों की स्थापना में राज्यों को मदद करने के लिए एक योजना का शुभारंभ करने की घोषणा की।
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में कहा कि मजबूत पूंजीगत वस्तु सामर्थ्य विभिन्न क्षेत्रों में उत्पादकता और गुणवत्ता का निर्धारक है। केन्द्रीय बजट में दो स्थानों पर उच्च प्रौद्योगिकी टूल रूम स्थापित किए जाएंगे। इसकी स्थापना सीपीएसई डिजिटल रूप से समर्थित ऑटोमेटिड सर्विस ब्यूरो के रूप में करेगी। जो स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने और कम लागत पर उच्च परिशुद्धता वाले घटकों के डिजाइन, परीक्षण और विनिर्माण करेंगे। निर्माण और अवसंरचना उपकरण (सीआईई) को बढ़ावा देने के लिए एक योजना का शुभारंभ किया जाएगा। इसका उद्देश्य उच्च घरेलू विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के स्तर पर उन्नत सीआईई को मजबूत करना है। यह बहुमंजली इमारत में लिफ्ट, अग्निशमन उपकरण, बड़ी और छोटी से लेकर मेट्रो और ऊंचाई वाले स्थानों पर सड़कों के लिए सुरंग संबंधी उपकरण हो सकते हैं। बजट में वैश्विक प्रतिस्पर्धी कंटेनर विनिर्माण परिवेश के निर्माण के लिए एक योजना का प्रस्ताव किया गया है। इसके लिए, पांच वर्ष की अवधि में 10 हजार करोड़ रुपये का बजटीय आवंटन है।
श्रम गहनन वस्त्र उद्योग के लिए, बजट में पांच उपभागों वाले एक एकीकृत कार्यक्रम का प्रस्ताव किया गया है। पहला, रेशम, ऊन और जूट जैसे प्राकृतिक फाइबर, मानव निर्मित फाइबर और आधुनिक फाइबरों में आत्म-निर्भरता हेतु राष्ट्रीय फाइबर योजना; दूसरा, मशीनरी प्रौद्योगिकी उन्नयन और सामान्य परीक्षण एवं प्रमाणन केन्द्रों के लिए पूंजीगत सहायता के साथ पारंपरिक कलस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना; तीसरा, मौजूदा योजनाओं को एकीकृत एवं मजबूत करने और बुनकरों एवं कारीगरों के लिए लक्षित सहायता सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय हथकरघा एवं हस्तशिल्प कार्यक्रम; चौथा, वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और धारणीय वस्त्र तथा परिधानों को बढावा देने के लिए टैक्स इको पहल; पांचवां, उद्योग जगत और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 ।
तकनीकी वस्त्रों के मूल्यवर्धन पर ध्यान देते हुए बजट में चुनौती मूड में वृहद वस्त्र उत्पाद स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है।
इसके अलावा, खादी हथकरघा और हस्तशिल्प को सुदृढ बनाने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना का शुभारंभ करने का प्रस्ताव किया गया है। इससे वैश्विक बाजार में जगह बनाने और ब्राडिंग में मदद मिलेगी। बजट में कहा गया है कि इससे प्रशिक्षण, कौशल, प्रक्रिया और उत्पादन गुणवत्ता को सुसंगत बनाया जाएगा और सहायता भी मिलेगी। इस पहल से हमारे बुनकरों, ग्रामीण उद्योगों, एक जिला एक पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा।
बजट पेश करने के दौरान श्रीमती सीतारमण ने कहा कि भारत में उच्च गुणवत्ता वाले खेलकूद के किफायती सामानों के लिए एक वैश्विक केन्द्र के रूप में उभरने की संभावना है। बजट में उपकरण डिजाइन के साथ-साथ सामग्री विज्ञान में विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए खेलकूद के सामानों के लिए एक समर्पित पहल का प्रस्ताव किया गया है।
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एनबी/एमजी/केसी/हिन्दी इकाई -08
(रिलीज़ आईडी: 2221435)
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