वित्त मंत्रालय
केन्द्रीय बजट 2026-27 में भारत के अगले चरण की विकास जरूरतों के अनुरूप इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने के लिए विकसित भारत के बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव है
सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी में उच्च स्तर प्राप्त करने और दक्षता में सुधार के उद्देश्य से प्रथम कदम के रूप में विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव किया गया है
केन्द्रीय बजट में एक ऐसे बाजार निर्माण की संरचना का प्रस्ताव है, जहां कॉरपोरेट बॉण्ड क्षेत्र में निधियों और व्युत्पन्नों के लिए पर्याप्त अवसर हों, इसमें कॉरपोरेट बॉण्डों पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का भी प्रस्ताव है
यह बजट बड़े शहरों द्वारा अधिक मूल्य के म्युनिसिपल बॉण्ड्स जारी करने को बढ़ावा देने के लिए एक हजार करोड़ रुपये से अधिक का एकल बॉण्ड जारी करने के लिए एक सौ करोड़ रूपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव करता है
भारत के बाहर के निवासी विशेष व्यक्ति (पीआरओआई) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों की इक्विटी लिखतों में निवेश करने की अनुमति होगी
प्रविष्टि तिथि:
01 FEB 2026 12:50PM by PIB Delhi
केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करते हुए कहा कि यह केंद्रीय बजट वित्तीय स्थायित्व, समावेशन और उपभोक्ता संरक्षण को सुनिश्चित करते हुए भारत के अगले चरण की विकास जरूरतों के अनुरूप, इस क्षेत्र की व्यापक समीक्षा करने के लिए विकसित भारत के लिए बैंकिंग पर उच्च स्तरीय समिति गठित करने का प्रस्ताव पारित करता है। आज भारतीय बैंकिंग के पास अपना एक मजबूत बेलेंस शीट है, लाभप्रदत्ता में ऐतिहासिक उच्च स्तर, परिसम्पत्तियों की बेहतर गुणवत्ता और देश के 98 प्रतिशत से अधिक गांवों में कवरेज, आज भारतीय बैंकिंग क्षेत्र की प्रमुख विशेषताएं है।
ऋण संवितरण और प्रौद्योगिकी अपनाने के लिए स्पष्ट लक्ष्यों के साथ विकसित भारत के लिए एनबीएफसी हेतु विजन तैयार किया गया है। सार्वजनिक क्षेत्र के एनबीएफसी में उच्च स्तर प्राप्त करने और दक्षता में सुधार के उद्देश्य से प्रथम कदम के रूप में, विद्युत वित्त निगम और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के पुनर्गठन का प्रस्ताव पारित किया गया।
भारत की विकासोन्मुख आर्थिक प्राथमिकताओं के अनुरूप विदेशी निवेश के लिए अधिक समकालीन, उपयोगकर्ता अनुकूल ढांचा तैयार करने के लिए विदेशी मुद्रा प्रबंधन नियमावली की व्यापक समीक्षा का भी इस केन्द्रीय बजट में प्रस्ताव है।
केन्द्रीय बजट 2026-27 में एक ऐसे बाजार निर्माण की संरचना का प्रस्ताव है, जहां कॉरपोरेट बॉण्ड क्षेत्र में निधियों और व्युत्पन्नों के लिए पर्याप्त अवसर हों। इसमें कॉरपोरेट बॉण्डों पर पूर्ण रिटर्न स्वैप शुरू करने का भी प्रस्ताव है।
यह बजट बड़े शहरों द्वारा अधिक मूल्य के म्युनिसिपल बॉण्ड जारी करने को बढ़ावा देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का एकल बॉण्ड जारी करने के लिए 100 करोड़ रूपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव पारित करता है। अमृत योजना के अंतर्गत वर्तमान योजना, जो 200 करोड़ रुपये तक के बॉण्ड जारी करने पर प्रोत्साहन प्रदान करती है, वह भी छोटे और मध्यम कस्बों को सहायता प्रदान करने के लिए जारी रहेगी।
भारत के बाहर के निवासी विशेष व्यक्ति (पीआरओआई) को पोर्टफोलियो निवेश योजना के माध्यम से सूचीबद्ध भारतीय कंपनियों की इक्विटी लिखतों में निवेश करने की अनुमति होगी। इस योजना के अंतर्गत सभी व्यक्तिगत पीआरओआई के लिए समग्र निवेश सीमा को वर्तमान के 10 प्रतिशत से 24 प्रतिशत करने के साथ किसी व्यक्तिगत पीआरओआई निवेश सीमा को 5 प्रतिशत से बढ़ाकर 10 प्रतिशत करने का भी प्रस्ताव है।
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एनबी/एमजी/केसी/हिन्दी इकाई-19
(रिलीज़ आईडी: 2221409)
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