नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
समावेशी ऊर्जा की ओर परिवर्तन के लिए निवेश योग्य समाधानों की जरूरत: इंडिया एनर्जी वीक 2026 में प्रदीप कुमार दास, सीएमडी, इरेडा
प्रविष्टि तिथि:
29 JAN 2026 7:28PM by PIB Delhi
भारतीय अक्षय ऊर्जा विकास संस्था लिमिटेड (आईआरईडीए) अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक श्री प्रदीप कुमार दास ने आज गोवा में आयोजित इंडिया एनर्जी वीक 2026 में दो पैनल चर्चाओं में भाग लिया।

“ऊर्जा आंकड़ों के साथ आर्थिक नीति का सशक्तिकरण: विकसित भारत की ओर भारत की प्रगति को दिशा देना” विषय पर आयोजित पैनल चर्चा में बोलते हुए श्री दास ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण नारों पर नहीं, बल्कि भरोसेमंद आंकड़ों, व्यावहारिक नीतियों और धैर्यवान पूंजी पर आधारित होगा। उन्होंने कहा कि आज ऊर्जा आंकड़े केवल तकनीकी इनपुट नहीं हैं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक साधन हैं, जो निवेश, मूल्य निर्धारण और नीतिगत निर्णयों का मार्गदर्शन करते हैं।
इरेडा के दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्था न केवल बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं, बल्कि विकेंद्रीकृत और सामुदायिक स्तर के समाधानों में भी पूंजी प्रवाह सुनिश्चित करती है, जिससे परिवर्तन समावेशी, संपोषित और सतत बनता है। उन्होंने आगे कहा कि इरेडा जैसी संस्थाएं विकास, स्थिरता और किफायती होने को संरेखित करके भारत के ऊर्जा दृष्टिकोण को एक ठोस और भरोसेमंद वास्तविकता में बदल रही हैं।
“स्टार्टअप जलवायु प्रौद्योगिकी नवाचार: अनुसंधान एवं विकास से बाजार की मुख्यधारा तक” विषय पर पैनल चर्चा में, श्री दास ने एक मजबूत स्वच्छ ऊर्जा वित्तीय पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में इरेडा की भूमिका की रूपरेखा प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि इरेडा की स्थापना केवल लेंडर के तौर पर नहीं, बल्कि एक सेक्टर-केंद्रित वित्तीय संस्थान के तौर पर की गई थी, जिसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा के लिए बाजारों को मजबूत करना और पूंजी की लागत को कम करना था। लंबी अवधि के, सेक्टर-अनुरूप कर्ज, मानकीकृत मूल्यांकन ढांचे और बैंकों के साथ को-लेंडिंग के माध्यम से, इरेडा ने सौर, पवन और जलविद्युत जैसी मुख्यधारा की नवीकरणीय ऊर्जाओं को प्रोत्साहन देने में मदद की है, साथ ही छत पर सोलर और पीएम-कुसुम जैसे वितरित क्षेत्रों को एग्रीगेटर मोड में सहयोग दिया है।

उन्होंने आगे कहा कि इरेडा ने परिपक्व संपत्तियों के वित्तपोषण से आगे बढ़कर उभरते क्षेत्रों को योग्य बनाने तक अपना विस्तार किया है, जिसमें पंप स्टोरेज हाइड्रोपावर के लिए शुरुआती सहयोग और चरणबद्ध कमीशनिंग और विकसित हो रही ऑफटेक व्यवस्थाओं से जुड़ी हरित हाइड्रोजन और हरित अमोनिया परियोजनाओं के लिए संरचित वित्तपोषण शामिल है।
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पीके/केसी/एमएम/एसएस
(रिलीज़ आईडी: 2220574)
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