कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय
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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस, आईपीएस, आईएफओएस अधिकारियों के साथ लंच पर बातचीत की, जो वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में तैनात हैं

जम्मू-कश्मीर विकास और शांति की एक नई सुबह देख रहा है, अधिकारियों को इसे देश के सर्वश्रेष्ठ शासित राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में से एक बनाने का प्रयास करना चाहिए: माननीय मंत्री

Posted On: 07 OCT 2022 3:41PM by PIB Delhi

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार); प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज पूर्ववर्ती जम्मू- कश्मीर कैडर से संबंधित आईएएस, आईपीएस और भारतीय वन सेवा के कुछ अधिकारियों के साथ लंच पर बातचीत की। ये अधिकारी वर्तमान में राष्ट्रीय राजधानी में तैनात हैं।

बातचीत के दौरान, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जम्मू-कश्मीर को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और इसलिए यह अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों की अतिरिक्त जिम्मेदारी है कि वे इसे देश के सर्वश्रेष्ठ शासित राज्यों / केंद्रशासित प्रदेशों में से एक में बदलने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर विकास और शांति की एक नई सुबह देख रहा है।

डॉ. सिंह ने प्रसन्नता व्यक्त की कि जनवरी, 2022 से अब तक 1.62 करोड़ पर्यटकों ने जम्मू-कश्मीर का भ्रमण किया है, जो स्वतंत्रता के 75 वर्षों में सबसे अधिक है।

 

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि तीन दशकों के बाद, कश्मीर घाटी लाखों पर्यटकों को आकर्षित कर रही है, जो न केवल कश्मीर पर्यटन के स्वर्ण युग की वापसी की शुरुआत है, बल्कि यह केंद्रशासित प्रदेश में समग्र शांति, विकास और तेजी से हो रहे परिवर्तन को भी रेखांकित करती है। उन्‍होंने कहा कि मोदी ने श्रीनगर से शारजाह के लिए सीधी उड़ानें शुरू करके अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए कश्मीरियों की 70 साल पुरानी मांग को भी पूरा किया।

डॉ. जितेंद्र सिंह गृह मंत्री श्री अमित शाह की यात्रा के मद्देनजर मंगलवार और बुधवार को जम्मू और श्रीनगर में थे, जहां पहाडिय़ों को गुर्जरों, बैकक्रॉल की तरह एसटी का दर्जा देने का आश्वासन दिया गया और कहा कि जब से अनुच्छेद 370 को वापस लिया गया है, तब से 56,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश जम्मू-कश्मीर में हुआ है, जो केंद्रशासित प्रदेश में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खोल रहा है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने यह भी रेखांकित किया कि नई व्यापक फिल्म नीति बहुत धूमधाम से शुरू की गई है जो फिल्म निर्माताओं को दशकों बाद शूटिंग के लिए आकर्षित कर रही है और इस नीति की अधिसूचना के एक साल के भीतर, फिल्मों तथा वेब-सीरीज के लिए 140 शूटिंग अनुमतियां जारी की गई हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की युवा प्रतिभाओं को ध्यान में रखते हुए अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ एक फिल्म स्टूडियो स्थापित करने का प्रस्ताव है।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने पूर्ववर्ती जम्मू-कश्मीर कैडर के आईएएस, आईपीएस और आईएफओएस के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सूचित किया कि आईएएस और अन्य अखिल भारतीय सेवा अधिकारियों के साथ-साथ केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों की जम्मू-कश्मीर में तैनाती को प्रोत्साहित करने के लिए कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रतिनियुक्ति नियमों में ढील दी गई है। उन्होंने बताया कि इस छूट के कारण जम्मू-कश्मीर में विभिन्न सेवाओं और विभिन्न संवर्गों (कैडर) के 22 अधिकारियों को विभिन्न स्तरों पर तैनात किया गया है।

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डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि डीओपीटी ने जम्मू-कश्मीर प्रशासनिक सेवा अधिकारियों को आईएएस संवर्ग में शामिल करने में केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर, गृह मंत्रालय और यूपीएससी के साथ समन्वय करके प्रमुख भूमिका निभाई है। नतीजतन, हाल ही में जेकेएएस के 16 अधिकारियों को आईएएस में शामिल किया गया है और इस तरह की 8 अन्य रिक्तियों को जल्द ही भर दिया जाएगा, जिससे जेकेएएस अधिकारियों को 12 साल के लंबे अंतराल के बाद प्रतिष्ठित आईएएस सेवा का हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि विभिन्न वरिष्ठता के जेकेएएस अधिकारियों का करियर-मध्य प्रशिक्षण एलबीएसएनएए के सहयोग से किया गया था और इसने जेकेएएस अधिकारियों तथा 200 से अधिक कार्यालयों को एक नया स्तर प्रदान किया है।

प्रदीप कुमार त्रिपाठी, सचिव, (समन्वय) कैबिनेट सचिवालय, संदीप कुमार नायक, महानिदेशक, राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (एनपीसी), उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, शांतमनु, विकास आयुक्त (हस्तशिल्प), मनोज कुमार द्विवेदी संयुक्त सचिव, डीओपीटी, डॉ. मंदीप कुमार भंडारी, नीरज कुमार एआरसी, जम्मू कश्मीर हाउस सहित अन्य वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों ने डॉ. जितेंद्र सिंह के साथ उनके आवास पर लंच पर बैठक में विचारों का आदान-प्रदान किया।

बातचीत में सीबीआई, एनआईए, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआरपीएफ, एसएसबी जैसे महत्वपूर्ण संगठनों में तैनात आईपीएस अधिकारी भी मौजूद थे। एस.एम. सहाय, संयुक्त सचिव, लालतेंदु मोहंती, डीजी, बीएसएफ अकादमी, पंकज सक्सेना, संयुक्त सचिव, अब्दुल गनी मीर, आईजी, आईटीबीपी, राजेश कुमार, एडीजीपी, सीआरपीएफ, टी. नामग्याल कलोन, आईजी, एसएसबी, विप्लव कुमार चौधरी, डीआईजी, एनआईए, विधि कुमार बर्डी, डीआईजी, एनआईए, श्री अमित कुमार, डीआईजी, एनआईए, केशव राम चौरसिया, डीआईजी, सीबीआई, तेजिंदर सिंह, एसपी, एनआईए, शैलेंद्र कुमार मिश्रा, एसपी, एनआईए, राजीव ओमप्रकाश पांडे एसपी, एनआईए, नीतीश कुमार, एसपी पाणि, अतुल कुमार गोयल, राहुल मलिक, अंबरकर श्रीराम दिनकर, उत्तम चंद बातचीत में शामिल हुए।

बातचीत में भारतीय वन अधिकारियों में बिस्वजीत कुमार सिंह, डॉ. राजीव कुमार तिवारी, श्रीमती रूप अवतार कौर, प्रीत पाल सिंह, नवीन कुमार शाह, प्रवीण कुमार राघव, मोहम्मद साजिद सुल्तान ने भाग लिया।

एमजी/एएम/केसीवी/वाईबी



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