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रक्षा मंत्रालय12-अगस्त, 2013 18:28 IST

‘विक्रांत’ का नया देसी अवतार
अथर्व वेद के मंत्रोच्‍चार के बीच रक्षा मंत्री श्री ए. के. एंटनी की धर्मपत्‍नी श्रीमती एलिजाबेथ एंटनी ने भारत के पहले स्‍वदेशी विमान वाहक (आईएसी) का विक्रांत के रूप में नामकरण किया, जिसका संस्‍कृत में अर्थ होता है – ‘साहसी’ अथवा ‘विजयी’। भारत के इस पहले विमान वा‍हक जहाज को 31 जनवरी, 1997 काम से हटा लिया गया था।

पारंपरिक हर्षोल्‍लास के साथ कोच्चि में आज श्रीमती एंटनी ने श्री ए. के. एंटनी, जहाजरानी मंत्री श्री जी. के. वासन, नौसेना प्रमुख एडमिरल डी.के. जोशी आदि की उपस्थिति में ‘विक्रांत’ को नये अवतार में उतारा। इसके साथ परियोजना के पहले चरण की समाप्ति हो गई है। इसमें 37,500 टन का रैम्‍प लगाया गया है, जो विमान को उड़ान भरने में मदद करता है। इसकी स्‍वदेशी डिजाइन से हमारे देश की क्षमता बढ़ी है। इस जहाज की लम्‍बाई लगभग 260 मीटर और इसकी अधिकतम चौड़ाई 60 मीटर है।

विक्रांत अब निर्माण के दूसरे चरण में प्रवेश करेगा, जिसके दौरान जहाज के बाहरी हिस्‍से की फिटिंग, विभिन्‍न हथियारों और सेंसरों की फिटिंग, विशाल इंजन प्रणाली को जोड़ने और विमान को उसके साथ जोड़ने का काम पूरा किया जाएगा। वर्ष 2016-17 के आसपास भारतीय नौसेना को सौंपे जाने से पहले इस जहाज का व्‍यापक परीक्षण किया जाएगा।

वि.कासोटिया/सुधीर/तारा-5541
(Release ID 23663)


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