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Press Information Bureau
Government of India
Prime Minister's Office
12-November-2015 23:55 IST
Text of PM’s interaction with media after the Joint Press Briefing with Prime Minister of UK


Indo-UK relations , UK PM’s visit to India and Government's commitment towards its citizens.

यह बात सही है कि एक दस साल का अन्तराल रहा, लेकिन मेरे कार्यकाल में ही, पिछले एक साल में, 11 मंत्री भारत से यहाँ आये और 11 मंत्री यहाँ से भारत गये। और इसलिए भारत और ब्रिटेन का जो संबंध है, विकास की नई ऊँचाइयों पर जाने का जो सामूहिक प्रयास है, वो निरंतर चल रहा है।मुझे भी प्रधानमंत्री के साथ दो बार विस्तार से चर्चा करने का अवसर मिला है। और हमारे संबंधों को और अधिक गहरा करने में हम काफी यशस्वी रहेहैं।

आपने और एक विषय पर सवाल जो पूछा है, भारत...ये बुद्ध की धरती है।भारत...ये गाँधी की धरती है। और इसलिए हमारे संस्कारों में, एक बात हमारी रगों में है कि समाज के मूलभूत मूल्यों के खिलाफ किसी भी बात को भारत स्वीकार नहीं करता है। और इसलिए हिंदुस्तान के किसी भी कोने में कोई भी घटना घटे, भारत के लिए वो घटना एक हो, दो हो या तीन हो, सवा सौ करोड़ के देश में एक घटना का महत्त्व है कि नहीं है, ये हमारे लिए मायना नहीं रखता है..हमारे लिए हर घटना गंभीर होती है। हम इस को किसी भी हालत में tolerate नहीं करते हैं। कानून कठोरता से कार्यवाही करता है और करेगा। और भारत एक vibrant democracy है, जो संविधान के तहत सामान्य से सामान्य नागरिक के जीवन को हर प्रकार की सुरक्षा, उसके विचारों की रक्षा, उससे प्रतिबद्ध है। और इस काम पर हम committed हैं।

Indo-UK co-operation against terrorism.

धन्यवाद! अंतकवाद पर आप ने जो चिंता जताई, ये चिंता मानवतावाद पर विशवास करने वाले हर किसी की चिंता है। और मैं आज इस बात को बड़े संतोष के साथ कहना चाहता हूँ कि United Nations में आतंकवाद के मुद्दों को लेकर जितने initiatives लिए गए हैं, उसमें भारत और ब्रिटेन ने कंधे से कन्धा मिलकर initiative लिया है। अफगानिस्तान में ब्रिटेन के काफी सैनिकों ने अपना जीवन दिया है, तोभारत ने भी अपनी कई अच्छे अफसरों को वहां गंवाया है। हम दोनों देश ऐसे हैं जो आतंकवाद के कारन परेशान हैं। और इसलिए आतंकवाद के खिलाफ लड़ना ये एक या दो या तीन देशों का विषय नहीं है। ये मानवतावादी हरेक की जिम्मेवारी है। आज आतंकवाद इस प्रकार से फैला है, उसकी कोई सीमाएं नहीं है, उसका कोई भूभाग नहीं है। हर दिन नए संगठन के नाम से जन्म लेते हैं। हर दिन नए equipment उनके हाथ में आते हैं। अब आतंकवादी कोई equipment manufacturing तो करते नहीं हैं। सबसे पहले महात्मा गाँधी कहते थे कि न्याय तब आता है जब आपको ज्ञान हो कि अन्याय किसको कहते हैं। हम terrorist किसकोकहते हैं, terrorist को मददगार कौन है? United Nations में उसके संबंध में एक प्रस्ताव है, उसकी परिभाषा करने के लिए। वो अभी तक..उसका कोई निपटारा नहीं हो रहा है, वो ऐसे ही लटका पड़ा है। और इसमें हम और ब्रिटेन दोनों सरीक हैं कि उसकी व्याख्या होनी चाहिए।

और इसलिए मानवतावादी शक्तियों को एक होना चाहिए। जो terrorist हैं, जो terrorists को मदद करते हैं उन शक्तियों को isolate करनाचाहिए। और मानवतावाद की रक्षा करने के लिए हम सबको मिलकर प्रयास करना चाहिए।

Invitation to visit UK, Future of India-UK ties and if UK moves out of European Union.

एक तो to keep the records straight, इसके लिए मैं आपको एक जानकारी दूं। मैं 2003 में यहाँ आया था और उस समय भी बहुत ही स्वागत-सम्मान मैंने यहाँ पाया और कार्यक्रमों में भाग लिया था। UK ने कभी भी मुझे यहाँ आने से रोका नहीं है, कभी कोई प्रतिबंध लगाया नहीं है। मेरे समय आभाव के कारण मैं नहीं आ पाया वो अलग बात है। तो ये गलत perception है, उसको correct कर लीजिये।

दूसरी बात है कि दो साल बाद referendum होगा, मैं समझता हूँ कि यहाँ के नागरिक बहुत ही समझदार हैं, मुझे उन्हें कोई tip देने की जरुरत नहीं है। लेकिन यहाँ तक भारत का सवाल है, European Union का अगर हमारा कोई प्रवेश द्वार है, तो ब्रिटेन है। और हमारा सबसे आर्थिक कारोबार अगर किसी के साथ है तो ब्रिटेन के साथ है। हम इसी प्रवेश द्वार से Europe के बाकि देशों में जा रहे हैं। तो हमारा भला तो यही है, और हम तो ब्रिटेन को ही प्रवेश द्वार मान कर आगे बढ़ना चाहेंगे

India’s expectation from UK in enhancing trade and economic co-operation.

देखिये अब भारत जिस दिशा में प्रगति कर रहा है, प्रगति करना चाहता है, जैसे हमारा...एक छोटा सा उदाहरण देता हूँ। हमारे यहाँ tele-density बहुत है। करीब 27-28 हज़ार towers हैं। वो डीजल का उपयोग करते हैं, और डीजल हमें import करना पड़ता है। Climate के लिए तकलीफ पैदा करते हैं। UK के पास Hydrogen Fuel Cells की technology है। हम चाहते हैं की भारत को ये टेक्नोलॉजी उपलब्ध हो। तो हमारे ये जो 27-28 हज़ार towers हैं, जिनकी निकट भविष्य में 40 हज़ार होने की सम्भावना है। तो हमें डीजल import करना पड़ता है, उससे हमें मुक्ति होगी। Environment की हम मदद कर पायेगे और ये technology हमें उपलब्ध होगी।

हमारे यहाँ coal mining होता है। अब grid technology से हम कैसे coal mining करें? Coal Gasification कैसे करें? हम clean energy की दिशा में कैसे जायेंगे?

Skill Development...UK ने Comprehensive Skill Development की दिशा में काफी कार्य किया है। Health Sector में अच्छे अस्पतालों की दिशा में UK में बहुत काम किया है। इन सारे विषयों पर चर्चा हुयी है। और ये सारी बातों में भारत के गरीब से गरीब व्यक्ति को कैसे वैश्विक संबंध काम आ सकते हैं, वैश्विक पूँजी निवेश काम आ सकता है, उस दिशा में हमारे प्रयासों में, आज मेरी UK की इस यात्रा में मैं कह सकता हूँ कि इन सारी बातों को हम सफलतापूर्वक आगे बढ़ायेंगे।

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AKT/AK